​UP विधानसभा 2027: मायावती का ‘मास्टरप्लान’ तैयार; दागियों की नो-एंट्री, ‘सर्वजन’ के भरोसे सत्ता वापसी की तैयारी

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी बिसात बिछा दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में चुनावी दिशा-निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया कि उनकी पार्टी ‘अपराध मुक्त’ राजनीति और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के पुराने गौरव को वापस लाएगी। मायावती ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि टिकट बंटवारे में किसी भी दागी या आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार को जगह नहीं दी जाएगी।

टिकटों में दिखेगा ‘सर्वसमाज’ का चेहरा

​संगठन की जमीनी मजबूती और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करते हुए मायावती ने जिला कमेटियों को निर्देश दिया कि प्रत्याशियों को शॉर्टलिस्ट करते समय समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। उन्होंने कहा, “बसपा कथनी और करनी में फर्क नहीं करती। हमारी पहचान सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की है, और 2027 के चुनाव में टिकटों के वितरण में यह संतुलन साफ नजर आएगा।”

​सरकार पर हमला: “जुमलों से नहीं मिटती भूख”

​प्रदेश की आर्थिक स्थिति और बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए मायावती ने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल ‘आत्मनिर्भरता’ के खोखले नारों और जुमलेबाजी से जनता की भूख मिटाना चाहती है। यूपी जैसे विशाल राज्य में रोजी-रोटी का संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “आत्मनिर्भरता” केवल एक स्लोगन नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे धरातल पर उतारने की जरूरत है ताकि हर हाथ को काम मिल सके।

​वैश्विक तनाव और महंगाई पर जताई चिंता

मायावती ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध की वजह से रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों का संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा, “महंगाई ने मेहनतकश समाज की कमर तोड़ दी है, उनका गरीबी में आटा गीला हो गया है। सरकार को तुरंत प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि देश को दोबारा नोटबंदी या कोरोना काल जैसी अभूतपूर्व मानवीय त्रासदी का सामना न करना पड़े।”

​14 अप्रैल को लखनऊ में जुटेगा ‘नीला रेला’

आगामी 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को लेकर भी मायावती ने विशेष रणनीति साझा की है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस बार लखनऊ के अंबेडकर स्मारक पर सभी 18 मंडलों से पार्टी कार्यकर्ता अपने परिवारों के साथ पहुंचें। इस आयोजन को पूरी ‘मिशनरी भावना’ के साथ मनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि बसपा के कोर वोट बैंक और कैडर को 2027 के महासंग्राम के लिए एकजुट किया जा सके।