आगरा। यमुना तट स्थित ताज व्यू गार्डन फेस-1 में चल रहे श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ के श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ में गुरुवार का दिन भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर रहा। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव प्रसंगों ने कथा मंडपम में ऐसा माहौल बनाया कि श्रद्धालु खुद को ब्रज की गलियों में महसूस करने लगे।
”नंद के आनंद भयो” से गूंजा मंडप
कथा व्यास महंत योगेश पुरी ने भगवान श्रीराम के प्राकट्य का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से 108 बार “राम” नाम का सामूहिक जाप कराया। उन्होंने कथा का सार समझाते हुए कहा कि जहाँ सुमति (अच्छे विचार) होते हैं, वहाँ सुख, समृद्धि और संपदा का वास स्वतः हो जाता है। जैसे ही कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का वर्णन शुरू हुआ, पूरा मंडपम “नंद के आनंद भयो” और “बृज में जय-जयकार” के जयघोष से गूंज उठा।इस अद्भुत दृश्य को देखकर भक्त भावविभोर होकर झूम उठे।
आकर्षण का केंद्र: अलौकिक झांकियां और यमुना आरती
महायज्ञ स्थल पर बनाई गई झांकियां भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। यहाँ 24 फुट ऊंचे श्रीनाथजी का दिव्य स्वरूप, द्वादश ज्योतिर्लिंग और भगवान के 24 अवतारों की झांकियां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता के गहरे लोक में ले जा रही हैं। कथा के समापन के बाद यमुना तट पर की गई भव्य यमुना आरती ने वातावरण को और अधिक दिव्य और पवित्र बना दिया।
संस्कार और सुविधा का अनूठा मेल
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि इस महायज्ञ के साथ-साथ एक ‘बाल संस्कार शिविर’ का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें बच्चों को गीता का पाठ, योग और भारतीय संस्कृति के संस्कारों की शिक्षा दी जा रही है। भक्तों की सुविधा का ध्यान रखते हुए आयोजकों द्वारा निशुल्क ई-रिक्शा सेवा भी चलाई जा रही है।
इस पावन अवसर पर दैनिक यजमान के रूप में गोपाल बंसल, शालिनी बंसल, सोनू गुप्ता, सीमा गुप्ता, विनोद गुप्ता, सरोज गुप्ता, सुमित गुप्ता और श्वेता गुप्ता ने व्यास पूजन कर धर्मलाभ उठाया।


