बरेली टंकी धराशाई होने पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, 2 इंजीनियर बर्खास्त, निर्माण कंपनी NCC होगी ब्लैकलिस्ट

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लखनऊ। यूपी के बरेली जिले में जल जीवन मिशन योजना की निर्माणाधीन टंकी गिरने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त एक्शन लिया है। इस मामले में सरकार ने कार्रवाई करते हुए दो इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया, जबकि एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया गया है। इतना ही नहीं मामले की जांच के लिए टीएसी गठित कर दी गई है। इसके अलावा निर्माणदायी संस्था एनसीसी के खिलाफ एफआईआर व ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई भी कई गई है।

साथ ही जल निगम ग्रामीण के संबंधित जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जल निगम ग्रामीण के असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच और अधिशासी अभियंता के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ टीपीआई बीएलजी के बरेली स्थित सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को हटा दिया गया है और कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है।

एजेंसी पर FIR और ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी

निर्माणाधीन टंकी गिरने के मामले में निर्माणदायी एजेंसी एनसीसी लिमिटेड और टीपीआई बीएलजी को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी किया गया है। वहीं मामले की प्रारंभिक जांच टेक्निकल ऑडिट कमेटी को सौंपी गई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर देगी। जलशक्ति मंत्री ने टीएसी रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

विपक्ष हमलावर: सांसद नीरज मौर्य ने उठाए सवाल

सपा सांसद नीरज मौर्या ने कहा कि आंवला तहसील के सरदार नगर में पानी की टंकी का इस तरह गिरना बेहद गंभीर मामला है। यह निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है। सपा सांसद ने जल जीवन मिशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन जमीनी स्तर पर यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। वे पहले भी इस मुद्दे को लोकसभा में उठा चुके हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब इस मुद्दे को ‘दिशा’ की बैठक में जिलाधिकारी और अधिकारियों के सामने उठाएंगे।

एक्शन मोड में जलशक्ति मंत्री

यूपी के बरेली जिले में जल जीवन मिशन योजना की निर्माणाधीन टंकी गिरने के मामले में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जिम्मेदारों पर शिकंजा कसते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वतंत्र देव सिंह ने निर्माणदायी संस्था एनसी लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं।

इसके अलावा कई जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। जल निगम ग्रामीण के संबंधित जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा एक अन्य असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।