आगरा में ‘मेरा युवा भारत’ की अनूठी पहल: बिचपुरी में युवाओं ने सीखी सरकारी राशन वितरण (PDS) प्रणाली की बारीकियां

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आगरा: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (भारत सरकार) के तत्वावधान में संचालित ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat), आगरा द्वारा युवाओं को देश की सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से सीधे जोड़ने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। इसके अंतर्गत शुक्रवार (15 मई 2026) को विकास खंड बिचपुरी के बांईपुर में अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (Experiential Learning Program) का सफल आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को जमीनी स्तर पर प्रशासनिक प्रक्रियाओं की वास्तविक जानकारी देना था।

आपूर्ति निरीक्षक ने सिखाए PDS प्रणाली के गुर

​इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत युवाओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) यानी सरकारी राशन वितरण व्यवस्था की व्यावहारिक जानकारियाँ दी गईं।

मौके पर मौजूद आपूर्ति निरीक्षक अजय चौहान ने युवाओं के कई सवालों के जवाब दिए और विस्तार से समझाया कि राशन की सरकारी आपूर्ति (सप्लाई चैन) कहाँ से और कैसे शुरू होती है। समाज के अंतिम छोर पर बैठे आम नागरिकों तक राशन पहुँचाने का मुख्य उद्देश्य और वितरण प्रक्रिया क्या है। ​भंडारण (स्टोरेज) व्यवस्था और कोटे की दुकानों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग क्या कदम उठाता है।

“योजनाओं को समझें और दूसरों को जागरूक करें”— डॉ. श्रवण सहगल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला युवा अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार सहगल ने कहा कि आज के युवाओं का यह मुख्य दायित्व है कि वे सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी प्रणालियों को खुद गहराई से समझें। इसके बाद अपने गाँव और शहर के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के कस्टमाइज्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को एक जिम्मेदार और सजग नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होते हैं।

​ग्राम प्रधान कार्यालय का भ्रमण और सही तौल की सीख

​प्रशिक्षण के अगले चरण में सभी प्रतिभागी युवाओं को बिचपुरी बांईपुर के ग्राम प्रधान कार्यालय का भ्रमण कराया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान मनीष यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक सीख दी। उन्होंने कहा, “राशन वितरण के समय कोटेदार द्वारा की जाने वाली तौल एवं माप को हमेशा ध्यानपूर्वक जाँचना चाहिए। यदि वितरण में किसी भी प्रकार की घटतौली या अनियमितता पाई जाती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।” उन्होंने युवाओं से अपने-अपने गाँवों में पारदर्शी वितरण के लिए अलख जगाने की अपील की।

​युवाओं ने बताया बेहद उपयोगी:

इस व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंकित, मुस्कान, अर्शिया, हर्ष और तुषार सहित क्षेत्र के अनेक युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने इस आयोजन को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी और समाज के लिए जरूरी बताया।