आगरा में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज: 3 से ज्यादा चालान और जुर्माना न भरने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस होंगे निरस्त

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आगरा: ताजनगरी में सड़क हादसों को रोकने और यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए जिला प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में ‘जिला सड़क सुरक्षा समिति’ की हाई-लेवल बैठक संपन्न हुई। बैठक में आईटीएमएस (ITMS), ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन, ब्लैक स्पॉट्स और प्रवर्तन कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा की गई। लक्ष्य के सापेक्ष कम कार्रवाई और चालान राशि की सुस्त रिकवरी पर जिलाधिकारी ने पुलिस और परिवहन विभाग दोनों के प्रति भारी नाराजगी व्यक्त की।

3 बार से ज्यादा नियम तोड़ा तो रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस

​जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी के आईटीएमएस (ITMS) सिस्टम की समीक्षा के दौरान पाया कि पुलिस के संचालन में 7,88,325 प्राप्त इमेजेस के सापेक्ष केवल 2,67,586 चालान ही किए गए हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने चालान राशि की कम रिकवरी पर स्पष्टीकरण मांगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट आदेश दिया कि 01 जनवरी 2025 से अब तक का डेटा एनालिसिस किया जाए। शहर या एक्सप्रेस-वे पर 3 या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले और चालान की राशि न भरने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को तत्काल निरस्त (Cancel) करने की प्रभावी कार्रवाई शुरू की जाए।

​परिवहन बनाम पुलिस: अप्रैल 2026 की प्रवर्तन कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड

​बैठक में अप्रैल 2026 के दौरान दोनों विभागों द्वारा विभिन्न अपराधों में की गई कार्रवाई के तुलनात्मक आंकड़े पेश किए गए:

नियम उल्लंघन का प्रकार

परिवहन विभाग की कार्रवाई

पुलिस विभाग की कार्रवाई

बिना हेलमेट

1,327

67,554

बिना सीटबेल्ट

416

760

वाहन चलाते समय मोबाइल प्रयोग

243

196

गलत दिशा (रॉन्ग साइड) ड्राइविंग

260

361

ड्रंकन ड्राइविंग (शराब पीकर वाहन चलाना)

29

17

ओवरस्पीडिंग (तय गति से तेज)

244

10,424

स्टंटिंग/खतरनाक ड्राइविंग

14

20

कम कार्रवाई पर जवाब तलब:

पिछले वर्ष की तुलना में कम प्रवर्तन कार्रवाई होने पर डीएम ने जवाब तलब किया। परिवहन विभाग ने बताया कि 4 पीटीओ (PTO) की अनुपलब्धता के कारण प्रवर्तन प्रभावित हुआ। वहीं, पुलिस विभाग द्वारा 10,637 चालान करने के बावजूद एक भी लाइसेंस निलंबन का मामला आगे न बढ़ाने पर डीएम ने गंभीर नाराजगी जताई। (परिवहन विभाग ने कुल 743 चालानों में से 39 प्रकरणों को निलंबन के लिए भेजा है)।

​हादसों की संख्या में आई कमी, अब बनेगी ‘एक्सीडेंट कुंडली’

समीक्षा में सामने आया कि सड़क दुर्घटनाओं के मामले में आगरा सूचकांक में 42वें स्थान पर है, और स्थिति में पहले से सुधार हुआ है:

​हादसे घटे: अप्रैल 2025 में 134 हादसों के सापेक्ष अप्रैल 2026 में 116 हादसे दर्ज हुए।

मृतकों की संख्या: क्रमिक रूप से (जनवरी से अप्रैल) पिछले वर्ष के 274 मौतों के मुकाबले इस वर्ष 248 मौतें हुईं, जो कि तुलनात्मक रूप से कम हैं।

डीएम के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री द्वारा रोड एक्सीडेंट्स की लगातार समीक्षा किए जाने का हवाला देते हुए डीएम ने कहा कि लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। अब से प्रत्येक सड़क दुर्घटना का एक कड़ा प्रारूप तय होगा। इसमें दुर्घटना की तिथि, एफआईआर डिटेल, संबंधित थाना प्रभारी का नाम व मोबाइल नंबर, मौके का निरीक्षण करने वाले अधिकारी का नाम, सड़क के मालिकाना हक वाला विभाग, दुर्घटना स्थल की लाइव फोटो और आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर शामिल कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

​44 ब्लैक स्पॉट्स और इमरजेंसी प्लान पर फोकस

​जिले में चिन्हित 44 ब्लैक स्पॉट्स (ऐसे 500 मीटर के क्षेत्र जहाँ 3 साल में 5 हादसे या 10 मौतें हुई हों) में से 41 पर रोड सेफ्टी ऑडिट पूरा हो चुका है। पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए गए कार्यों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट पुलिस को अगली बैठक में सौंपनी होगी। इसके साथ ही, एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम सुधारने और विभिन्न थाना क्षेत्रों में पड़ने वाले ट्रॉमा सेंटर्स/अस्पतालों के साथ समन्वय बैठक करने के निर्देश दिए गए।

​स्कूलों में बनेंगे ‘रोड सेफ्टी क्लब’, युवा बनेंगे ‘सड़क सुरक्षा मित्र’

जिलाधिकारी ने बीएसए और डीआईओएस को निर्देश दिए कि सभी स्कूल-कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब का गठन अनिवार्य किया जाए। स्कूलों में ऑनलाइन/ऑफलाइन चालक प्रशिक्षण सत्र, सड़क सुरक्षा शपथ और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। इसके अलावा, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए युवाओं की भागीदारी तय करते हुए उन्हें ‘सड़क सुरक्षा मित्र’ के रूप में तैयार करने की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए गए।

​बैठक में ये रहे उपस्थित:

इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान, आरएम रोडवेज बीपी अग्रवाल, एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक अग्रवाल, एआरटीओ (प्रशासन) विनय कुमार सिंह, अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार, पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता राघवेंद्र वर्मा व जीके वार्ष्णेय, डीआईओएस चंद्रशेखर और बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड सहित समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।