नई दिल्ली/आगरा: देश में आधुनिक रेल सेवाओं के तीव्र विस्तार और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में एक महत्वपूर्ण और विस्तृत चर्चा देखने को मिली। आगरा से ताल्लुक रखने वाले राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने संसद में देश में वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार, हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, बहुप्रतीक्षित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में नई वंदे भारत सेवाओं और पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से निर्मित हो रही आधुनिक ट्रेनों की स्थिति को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी थी।
सांसद के इन तारांकित एवं अतारांकित प्रश्नों का जवाब देते हुए रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में अपना विस्तृत लिखित उत्तर प्रस्तुत किया। इसी बीच, ब्रज क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत देने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने भी नई दिल्ली–अयोध्या धाम वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव टूंडला रेलवे जंक्शन पर सुनिश्चित करने के लिए रेल मंत्री को औपचारिक पत्र लिखकर पुरजोर मांग उठाई है।
देशभर में तेजी से बढ़ रहा वंदे भारत नेटवर्क
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने लिखित उत्तर में सदन को अवगत कराया कि भारतीय रेल का यह निरंतर प्रयास है कि देश के नागरिकों और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान किया जाए। इसी उद्देश्य के तहत स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ‘वंदे भारत’ ट्रेनों का नेटवर्क देश के कोने-कोने तक तेजी से फैलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 27 जुलाई 2026 तक भारतीय रेल नेटवर्क पर कुल 81 जोड़ी वंदे भारत चेयरकार तथा 1 जोड़ी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इन अत्याधुनिक ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा, सुगमता और उनके सफर को अत्यधिक आरामदायक बनाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है।
अत्याधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा से लैस हैं वंदे भारत ट्रेनें
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक रेल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
इनमें यात्रियों को एक सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव देने के लिए निम्नलिखित प्रमुख आधुनिक विशेषताएं शामिल हैं:
स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ (Kavach)।
स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे और पूरी तरह से सीलबंद चौड़े गैंगवे।
उन्नत सीसीटीवी निगरानी कैमरे और कोच कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS)।
यूवी-सी आधारित उन्नत विसंक्रमण प्रणाली और प्रभावी अग्नि संसूचन एवं शमन प्रणाली।
आपातकालीन टॉक-बैक यूनिट और दिव्यांगजनों के अनुकूल विशेष सुविधाएं।
160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की शानदार डिजाइन और परिचालन क्षमता।
बुलेट ट्रेन और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं पर तेजी से चल रहा काम
सांसद नवीन जैन द्वारा उठाए गए सवालों के क्रम में रेल मंत्री ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना की वर्तमान प्रगति का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत विभिन्न चरणों में स्टेशन निर्माण, विशाल पुलों, लंबी सुरंगों, ट्रैक बिछाने और अन्य सभी आवश्यक सिविल वर्क्स का काम युद्धस्तर पर तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार भविष्य में दूरगामी दृष्टिकोण रखते हुए चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में भी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और नेटवर्क के विस्तार की दिशा में कार्य कर रही है।
इसके अलावा, उत्तराखंड सहित देश के अन्य पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों में रेल सेवाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देहरादून, हरिद्वार और योग नगरी ऋषिकेश जैसे प्रमुख और धार्मिक शहर पहले से ही कई रेल सेवाओं से भली-भांति जुड़े हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नई रेल सेवा का संचालन मुख्य रूप से यात्रियों की वास्तविक मांग, परिचालन की व्यवहार्यता और रेलवे नेटवर्क की तकनीकी आवश्यकताओं के आधार पर ही तय किया जाता है।
’मेक इन इंडिया’ से मजबूत हो रही भारतीय रेलवे
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्तमान में चलाई जा रही अधिकांश वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) पहल के तहत भारत की अपनी धरती पर किया जा रहा है। इससे देश की स्वदेशी तकनीक को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है और भारतीय रेलवे की कुल सेवा गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इन अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग से आज देश के आम यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तीव्र और आरामदायक यात्रा का अनूठा अनुभव प्राप्त हो रहा है।
सांसद नवीन जैन बोले— आधुनिक रेल व्यवस्था आज की सबसे बड़ी जरूरत
इस पूरे विषय पर अपने विचार रखते हुए राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि भारतीय रेल को हमेशा से देश की जीवनरेखा माना जाता है। देश की तेजी से बढ़ती आबादी और आम जनता की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आज आधुनिक, पूरी तरह सुरक्षित और तेज गति वाली रेल सेवाएं समय की सबसे बड़ी मांग बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि संसद में इस विषय को उठाने का उनका मुख्य उद्देश्य केवल विभागीय आंकड़े प्राप्त करना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि देश के हर कोने के यात्रियों को विश्वस्तरीय रेल सुविधाएं मिल सकें और रेल बुनियादी ढांचे (अवसंरचना) का विकास और अधिक तीव्र गति से आगे बढ़े।
उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि रेल मंत्री के विस्तृत जवाब से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार वंदे भारत के विस्तार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
टूंडला जंक्शन पर वंदे भारत के ठहराव की उठी जोरदार मांग
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने नई दिल्ली–अयोध्या धाम वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक टूंडला रेलवे जंक्शन पर सुनिश्चित करने की जोरदार मांग उठाई है।
उन्होंने अपने पत्र में तर्क दिया है कि यदि इस महत्वपूर्ण ट्रेन का स्टॉपेज टूंडला जंक्शन पर दे दिया जाता है, तो इससे न केवल ब्रज क्षेत्र, बल्कि पास के जिलों जैसे भरतपुर, धौलपुर तथा आसपास के लाखों यात्रियों को भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या धाम आने-जाने में भारी सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय यात्रियों का समय व धन दोनों की बचत होगी।


