आगरा। श्री गिरिराज जी सेवा मंडल परिवार द्वारा श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर अग्रसेन भवन, लोहामंडी में तृतीय महारुद्राभिषेक महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित इस दिव्य धार्मिक अनुष्ठान में 121 दंपतियों ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं विश्व कल्याण की कामना की। वैदिक मंत्रों की गूंज, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयघोष से संपूर्ण परिसर शिवमय हो उठा तथा श्रद्धालु भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आए।
मथुरा से पधारे गोपालाचार्य जी के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में 21 विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक रीति से नर्मदेश्वर शिवलिंग का महारुद्राभिषेक संपन्न कराया। दुग्ध, दही, घृत, मधु, गंगाजल, पंचामृत, चंदन, भस्म, बेलपत्र, धतूरा एवं पुष्पों से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने रुद्रसूक्त एवं शिव मंत्रों के उच्चारण के साथ सामूहिक पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
नर्मदेश्वर शिवलिंग का अभिषेक देता है अनंत पुण्य : गोपालाचार्य जी
अपने प्रेरणादायी प्रवचन में गोपालाचार्य जी ने कहा कि नर्मदेश्वर शिवलिंग भगवान शिव का स्वयंभू एवं जागृत स्वरूप माना जाता है। माँ नर्मदा की पावन धारा से प्राकृतिक रूप से प्राप्त होने वाले इस शिवलिंग की पूजा-अर्चना का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में नर्मदेश्वर शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से समस्त पापों का क्षय होता है, ग्रह दोष शांत होते हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ भाव के भूखे हैं, इसलिए सच्ची श्रद्धा और निष्काम भक्ति से किया गया जलाभिषेक भी भक्त के जीवन को सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।
सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प : नितेश अग्रवाल
संस्था के संस्थापक नितेश अग्रवाल ने बताया कि श्री गिरिराज जी सेवा मंडल द्वारा आयोजित तृतीय महारुद्राभिषेक का उद्देश्य समाज में सनातन संस्कृति, धार्मिक संस्कारों और सामूहिक उपासना की परंपरा को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।
पूरे आयोजन के दौरान अग्रसेन भवन शिवभक्ति के रंग में रंगा रहा। “ओम नमः शिवाय” एवं “हर-हर महादेव” के उद्घोष, भजनों और वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना में भाव-विभोर होकर सहभागिता की।
भव्य महाआरती एवं महाप्रसादी के साथ हुआ समापन
अनुष्ठान का समापन भगवान भोलेनाथ की भव्य महाआरती के साथ हुआ। महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान शिव का गुणगान किया तथा विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना की। इसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर मयंक अग्रवाल, अजय सिंघल, वीरेंद्र सिंघल, रविंदर गोयल, विशाल बंसल, विजय अग्रवाल, चंद्रमोहन बंसल, अंकुर अग्रवाल, पुनीत सिंघल, नरेंद्र गर्ग, नीरज अग्रवाल, नीरज मित्तल, पुरुषोत्तम अग्रवाल, संजय जैन, विकास जैन, संतोष मित्तल, कुलभूषण गुप्ता (राम भाई), नितिन अग्रवाल, मयंक जैन, गिरीश अग्रवाल, विकास वर्मा, अमित पाराशर, विकल गर्ग, मनोज गुप्ता आदि उपस्थित रहे।


