आगरा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों में धड़ल्ले से हो रही मिलावट और बाजार में सक्रिय नकली दवाओं के काले कारोबार से आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभावों पर प्रभावी रोकथाम लगाने के उद्देश्य से गठित उत्तर प्रदेश विधान परिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील समिति की कमान आगरा के विधान परिषद सदस्य (MLC) विजय शिवहरे को सौंपी गई है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के माननीय सभापति ने विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के अंतर्गत गठित होने वाली कुल 16 प्रमुख समितियों के नए सभापतियों की आधिकारिक नियुक्ति की घोषणा की है।
इन महत्वपूर्ण समितियों में से सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ी ‘मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन पर रोक’ से संबंधित विशेष समिति के सभापति पद की जिम्मेदारी विजय शिवहरे को सौंपी गई है।
विधान परिषद सचिवालय के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह की ओर से जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इन सभी समितियों के सभापतियों की नियुक्तियों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की गई है।
विजय शिवहरे को सौंपी गई यह नई जिम्मेदारी सीधे तौर पर पूरे प्रदेश में खाद्य वस्तुओं में मिलावटखोरी और नकली दवाओं के बढ़ते खतरनाक खतरे से निपटने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।
जैसी ही विधान परिषद द्वारा विजय शिवहरे को इस महत्वपूर्ण समिति का सभापति बनाए जाने की आधिकारिक सूचना सामने आई, वैसे ही उनके पैतृक शहर आगरा सहित पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें दूरभाष, सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से मिलकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाइयां दीं। लोगों ने उम्मीद जताई है कि उनके इस कड़े और अनुभवी नेतृत्व में यह समिति खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों तथा नकली दवाओं का अवैध धंधा चलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए कड़े और प्रभावी सुझाव तथा ठोस कार्रवाई की दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
