​सऊदी-बहरीन के बाद अब फ्रांस से संपर्क: वैश्विक मंच पर पीएम मोदी की सक्रियता, मध्य पूर्व में शांति के लिए समन्वित प्रयासों पर सहमति

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नई दिल्ली। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति और अपने मित्र इमैनुएल मैक्रों से फोन पर विस्तृत बातचीत की। दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) के बदलते सुरक्षा हालातों पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए कूटनीतिक रास्तों को अपनाने पर जोर दिया।

​”बातचीत और डिप्लोमेसी की वापसी जरूरी”: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कूटनीतिक चर्चा की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा की। पीएम मोदी ने लिखा, “आज अपने दोस्त प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों से बात की। हमने वेस्ट एशिया में बदलते हालात और बातचीत व डिप्लोमेसी की वापसी की जरूरत पर अपनी साझा चिंताओं पर चर्चा की।” प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और फ्रांस इस इलाके में शांति बहाली के लिए अपने प्रयासों को समन्वित (Coordinate) करते रहेंगे।

वैश्विक स्थिरता पर साझा रुख

बातचीत के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का समर्थन किया। मैक्रों इससे पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करने का आह्वान कर चुके हैं। दोनों नेताओं का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर न केवल इस क्षेत्र पर, बल्कि यूरोप और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

​कूटनीतिक प्रयासों में जुटा भारत

प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर वैश्विक नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। इससे पहले सोमवार को उन्होंने बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से भी संवाद किया था। पीएम मोदी ने विभिन्न देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा करते हुए संयम बरतने की अपील की है।