आगरा: दो वर्षों से अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहे पश्चिम बंगाल के एक परिवार के लिए 25 जून का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। स्कूल जाते समय अचानक लापता हुई किशोरी की लोकेशन आगरा के ताजमहल के पास ट्रेस हुई और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उसे हाथरस से सकुशल बरामद कर लिया।
फोन कॉल ने बदला घटनाक्रम
लापता किशोरी ने 17 जून को एक अज्ञात नंबर से परिजनों को फोन कर बताया कि वह ताजमहल के पास है और उसे बचा लिया जाए। बेटी की आवाज़ सुनते ही परिजन बदहवास हालत में आगरा पहुंचे और ताजगंज थाना पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल के आधार पर पड़ताल शुरू की।
हाथरस में मिली किशोरी
ताजगंज पुलिस की विशेष टीम ने मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करते हुए हाथरस में दबिश दी और किशोरी को बरामद किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दो साल पहले लापता होने के बाद किशोरी ने हाथरस के एक युवक से विवाह कर लिया था और वह उसी के साथ रह रही थी। हाल ही में वह अपने पति के साथ ताजमहल घूमने आगरा आई थी, तभी उसने परिजनों को फोन कर अपनी जानकारी दी।
पुलिस और स्थानीय सहयोगियों का जताया आभार
बेटी को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। पिता ने आगरा पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की जमकर सराहना की। इस पूरे मामले में पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने और मदद के लिए परिवार ने भाजपा नेता प्रदीप राठौर का भी विशेष आभार जताया। परिजनों का कहना है कि पुलिस की मदद के बिना दो साल पुरानी फाइलों को इतनी जल्दी सुलझाना असंभव था।


