आगरा में अनोखा विरोध: नाले में खड़े होकर भाजपा पार्षद ने काटा जन्मदिन का केक, नगर निगम की लापरवाही पर कसा तंज

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आगरा: आगरा नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली और लंगड़े की चौकी क्षेत्र में वर्षों से बदहाल नाले के विरोध में भाजपा पार्षद किशन नायक ने गुरुवार को जो किया, उसने सबको चौंका दिया। पार्षद ने नाले के अंदर खड़े होकर अपना जन्मदिन मनाया और केक काटा। उनका यह तरीका नगर निगम प्रशासन को आईना दिखाने और उनकी लापरवाही के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराने के लिए था।

हादसों का गवाह बना नाला

पार्षद किशन नायक का कहना है कि सुल्तानगंज की पुलिया से जीवनी मंडी तक जाने वाला यह नाला अब मौत का जाल बन चुका है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि इस बदहाल नाले के कारण क्षेत्र में अब तक दो बच्चों और एक किसान की मौत हो चुकी है। एक बच्चे का तो आज तक पता नहीं चल पाया है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासन की नींद नहीं टूटी है।

अधिकारियों की अनदेखी पर बरसे पार्षद

किशन नायक ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वे पिछले तीन वर्षों से पार्षद हैं और उससे पहले से भी इसके निर्माण की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव वर्मा और संबंधित जेएसओ पर काम न करने और फोन न उठाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। पार्षद का कहना है कि साल 2011 के बाद से इस नाले की कभी तलीझाड़ सफाई नहीं हुई, जिससे यह कचरे और गाद से पूरी तरह भर चुका है।

17 करोड़ की योजना, फिर भी ठप काम

पार्षद ने बताया कि नाले के निर्माण के लिए 17 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शासन को भेजा गया है। लगभग एक साल पहले तत्कालीन नगर आयुक्त ने दौरा कर जल्द कार्य शुरू करने का वादा किया था, लेकिन हकीकत आज भी वही है। नाला निर्माण और सफाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं।

​जिम्मेदार कौन?

नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए पार्षद ने कहा कि जनता की सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी यह मांग वर्षों से लंबित है। यदि समय रहते नाले का निर्माण नहीं हुआ, तो आने वाले मानसून में यह और भी भयावह रूप ले सकता है और किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। अब देखना यह है कि इस ‘केक कटिंग विरोध’ के बाद प्रशासन हरकत में आता है या नहीं।