Agra News: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इंटर्नशिप में गूंजे मौलिक अधिकार, कानून के छात्रों ने सीखे न्याय के गुर

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​आगरा: न्यायपूर्ण समाज की स्थापना के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), आगरा द्वारा आयोजित लीगल एड क्लिनिक इंटर्नशिप कार्यक्रम में विधि के छात्रों को संवैधानिक बारीकियों से रूबरू कराया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मौलिक अधिकारों, रिमांड के कानूनी प्रावधानों और निःशुल्क विधिक सहायता की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

संवैधानिक अधिकारों पर विस्तृत चर्चा

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, DLSA सचिव एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज कुमार ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार प्रत्येक नागरिक की गरिमा की रक्षा के कवच हैं। उन्होंने गिरफ्तारी की वैधानिक प्रक्रिया और अभियुक्तों के संवैधानिक अधिकारों को स्पष्ट करते हुए कहा, “कानून की जानकारी ही न्याय का प्रथम सोपान है, और विधि के विद्यार्थियों को इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास करना चाहिए।”

​न्याय प्रणाली के विभिन्न आयाम

कार्यक्रम में कानून के विभिन्न पहलुओं को विशेषज्ञों ने रोचक ढंग से प्रस्तुत किया:

​लीगल ट्रांसप्लांट: असिस्टेंट प्रोफेसर अगम दीक्षित ने बदलते सामाजिक परिवेश में विभिन्न देशों की न्याय प्रणालियों के आदान-प्रदान और उनके व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा की।

लैंगिक न्याय: प्रोफेसर शशिकांत पांडे ने महिला सशक्तिकरण और न्याय तक महिलाओं की समान पहुंच को एक समतामूलक समाज की अनिवार्य शर्त बताया।

​सामाजिक उत्तरदायित्व: डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने कहा कि विधिक शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि एक उत्तरदायी और संवेदनशील समाज का निर्माण करना है।

​युवाओं में दिखा उत्साह

श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. मदन मोहन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। बड़ी संख्या में विधि के छात्र-छात्राओं ने इसमें भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस इंटर्नशिप कार्यक्रम ने छात्रों को किताबी ज्ञान से परे वास्तविक न्याय व्यवस्था और विधिक सहायता के व्यावहारिक अनुभव से अवगत कराया।