आगरा। ताजनगरी की लाइफलाइन कही जाने वाली आगरा मेट्रो परियोजना ने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने प्रथम कॉरिडोर के विस्तार कार्य के तहत सिकंदरा डेड एंड तक सभी 152 पियर (पिलर) का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के बाद, अब शहर के सिकंदरा क्षेत्र तक मेट्रो पहुंचने का सपना हकीकत के करीब पहुंच गया है।
निर्माण कार्य में ‘युद्धस्तर’ की प्रगति
यूपी मेट्रो के आंकड़ों के अनुसार, खंदारी स्थित आरबीएस कॉलेज रैंप से सिकंदरा तक के एलिवेटेड सेक्शन के लिए तय किए गए सभी 722 पाइल, 152 पाइलकैप और 152 पियर (पिलर) बनकर तैयार हो चुके हैं। अरतौनी स्थित कास्टिंग यार्ड में दिन-रात चल रहे काम के परिणामस्वरूप अब तक 115 पियरकैप और 220 यू-गर्डर का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। यह ढांचा मेट्रो की आगामी कनेक्टिविटी को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण है।
वर्तमान स्थिति: ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर तक सेवा जारी
आगरा मेट्रो का प्रथम कॉरिडोर पहले से ही ताज ईस्ट गेट स्टेशन से मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन तक सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इसके अलावा, प्रथम कॉरिडोर के भूमिगत हिस्से के चार प्रमुख स्टेशनों मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस कॉलेज का निर्माण कार्य पहले ही संपन्न हो चुका है। ये सभी स्टेशन यात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बस अब उन्हें पूरे कॉरिडोर से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
यातायात और पर्यटन के लिए गेम चेंजर
सिकंदरा तक मेट्रो विस्तार होने से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर तक चल रही मेट्रो में यात्रियों की भारी भीड़ यह दर्शाती है कि शहर को एक सुगम परिवहन प्रणाली की कितनी आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिकंदरा तक मेट्रो पहुंचने से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी, बल्कि पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों को भी नया संबल मिलेगा।
यूपी मेट्रो प्रबंधन ने इसे प्राथमिकता पर रखा है ताकि जल्द से जल्द यात्रियों को एक आधुनिक, सुरक्षित और तेज परिवहन सेवा का उपहार दिया जा सके।


