आगरा। छीपीटोला स्थित पार्श्वधाम दिगम्बर जैन मंदिर सोमवार को एक ऐसे ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बना, जिसने ताजनगरी को श्रद्धा और भक्ति के सागर में डुबो दिया। वैज्ञानिक संत आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज एवं समस्त मुनिसंघ के पावन सानिध्य में ‘उपाध्याय पदारोहण दिवस’ और ‘जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
भव्य शोभायात्रा और स्वागत
महोत्सव का शुभारंभ प्रातः जैन भवन से पार्श्वधाम तक निकली एक भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। बैंड-बाजों की स्वरलहरी, धार्मिक ध्वज और गगनभेदी जयघोषों के बीच निकली इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे मार्ग पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आचार्यश्री ससंघ का अभूतपूर्व स्वागत किया गया। कार्यक्रम में ध्वजारोहण मनीष जैन, अनीष जैन एवं दीपक जैन (बोतल वाले परिवार) द्वारा किया गया, जबकि पंडाल का उद्घाटन हीरालाल बैनाड़ा एवं निर्मल मोठया परिवार ने किया।
उपाध्याय पद का गौरव
मुख्य कार्यक्रम में आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने वैदिक एवं जैन परंपरा के मंत्रोच्चार के बीच निर्यापक मुनिश्री शिवदत्तसागर जी महाराज को ‘उपाध्याय पद’ से विभूषित किया। जैसे ही यह घोषणा हुई, पूरा पार्श्वधाम परिसर ‘जय-जयकार’ से गूंज उठा। इस दौरान आगरा, फिरोजाबाद और अलीगढ़ जैन समाज की ओर से आचार्यश्री के समक्ष वर्ष 2026 के चातुर्मास और मंगल प्रवास हेतु श्रीफल अर्पित कर निवेदन भी किया गया।
भावुक कर देने वाली दीक्षा
समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह था जब कोटा निवासी ब्रह्मचारी मोहनलाल भैया ने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर दीक्षा का मार्ग चुना। आचार्यश्री ने विधिवत केशलोंच की क्रिया संपन्न कराई और उन्हें ‘मुनिश्री वासुदत्तसागर जी महाराज’ का नया नाम प्रदान किया। दीक्षा के समय परिजनों द्वारा जब मुनिश्री को कमंडल और पिच्छी भेंट की गई, तो उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य त्याग और वैराग्य के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक बन गया।
धार्मिक संदेश और जनभागीदारी
आचार्यश्री और उपस्थित संतों ने अपने प्रवचनों में धर्म, संयम, संस्कार और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करने का संदेश दिया। इस अवसर पर आगरा के साथ-साथ टूंडला, शिकोहाबाद, इटावा, बरहन, जलेसर, दिल्ली और सागर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में प्रदीप जैन पीएनसी, राकेश जैन, अशोक जैन, नीरज जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, एनसीसी क्लब के सदस्य एवं जैन समाज के सैकड़ों गणमान्य लोगों का विशेष योगदान रहा।


