बजट 2026: स्टाइपेंड, सब्सिडी और टैक्स छूट; क्या सरकार ने सच में आम आदमी की मुराद पूरी कर दी या यह सिर्फ आंकड़ों का खेल है?

1 फरवरी 2026 को संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकार आर्थिक अनुशासन और जनता की आकांक्षाओं के बीच संकरी राह पर चल रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाषण की शुरुआत ही स्थिरता, निरंतरता और दीर्घकालिक विकास की सोच से की। कोई अप्रत्याशित लोकलुभावन घोषणाओं […]

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​”विचार से डरेगा समाज तो लोकतंत्र कैसे बचेगा?”— मनोज रूपड़ा प्रकरण पर डॉ. प्रियंका सौरभ का बेबाक विश्लेषण

गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान हिन्दी के वरिष्ठ कथाकार मनोज रूपड़ा के साथ हुआ सार्वजनिक दुर्व्यवहार केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं है, बल्कि यह हमारे समय के अकादमिक और सांस्कृतिक जीवन में गहराते संकट का स्पष्ट संकेत है। किसी आमंत्रित लेखक को मंच पर अपमानित करना और कार्यक्रम […]

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