संसद में बहस का असली मुद्दा: शोर और प्रतीकों से आगे, जनता की ज़िंदगी से जुड़े सवाल
लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का नाम नहीं है, बल्कि जनता की रोज़मर्रा की तकलीफों को सत्ता के सबसे ऊँचे मंच तक पहुँचाने की प्रक्रिया है। भारत में यह मंच संसद है, जहाँ हर चर्चा का केंद्र जनता की समस्याएँ और उनके समाधान होने चाहिए। दुर्भाग्यवश, बीते वर्षों में संसद की बहसें कई बार ऐसे विषयों […]
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