आगरा: राजकीय महिला संरक्षण गृह का औचक निरीक्षण, सचिव पंकज कुमार ने परखीं संवासनियों की व्यवस्थाएं

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आगरा: ​राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार मलिक के मार्गदर्शन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण औचक निरीक्षण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (आगरा) के सचिव पंकज कुमार-I ने राजकीय संरक्षण गृह (महिला) का आकस्मिक दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

​व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान सचिव ने संवासनियों के रहने के कमरों, परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा इंतजामों, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं का गहनता से अवलोकन किया। हालांकि निरीक्षण में वर्तमान व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, लेकिन सचिव पंकज कुमार ने भविष्य में और सुधार के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने संस्थान के प्रभारी को निर्देशित किया कि यदि किसी भी संवासनी को कानूनी मदद या विधिक सहायता की जरूरत महसूस होती है, तो उसका प्रार्थना पत्र तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित किया जाए। साथ ही, उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी।

​पॉक्सो एक्ट के तहत ‘सहायक व्यक्तियों’ का साक्षात्कार

इसी क्रम में आज कलेक्ट्रेट सभागार में एक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधि संपन्न हुई। जिलाधिकारी (आगरा) की अध्यक्षता में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012 और नियमावली 2020 के अंतर्गत सहायक व्यक्तियों (Support Persons) के चयन हेतु साक्षात्कार आयोजित किए गए।

इस चयन प्रक्रिया में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के साथ जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल कुमार सोनी भी सदस्य के रूप में मौजूद रहे। इन सहायक व्यक्तियों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य पॉक्सो से जुड़े प्रकरणों में पीड़ित बालकों को आवश्यक मनोवैज्ञानिक और प्रक्रियात्मक सहयोग प्रदान करना है। प्रशासन की इस पहल से बाल सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।