आगरा। पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) की पावन बेला में लोहामंडी स्थित अगसेन भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का तीसरा दिन पूरी तरह से भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समर्पित रहा। माधवी अग्र महिला मंडल द्वारा आयोजित इस भव्य कथा महोत्सव में जब श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया गया, तो पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।
धर्म की स्थापना ही अवतार का उद्देश्य
कथा व्यास नीरज नयन महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अत्याचार और अहंकार का बोलबाला होता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म लीला का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि कन्हैया का अवतरण केवल कंस का वध करने के लिए नहीं था, बल्कि वे मानवता को प्रेम, करुणा और सत्य का मार्ग दिखाने आए थे।
महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मात्र एक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह मनुष्य के भीतर भक्ति और सदाचार का संचार करने का एक जीवंत माध्यम है, जो जीवन को नई और सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
भक्ति में डूबा पंडाल
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग के आते ही श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर नंदोत्सव मनाया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए और फूलों की वर्षा कर पूरे वातावरण को वृंदावन जैसा भक्तिमय बना दिया। कथा के दौरान रघुवीर सहाय जैन और आभा जैन ने परीक्षित के रूप में व्यास पूजन की रस्म पूरी की।
आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
संस्था अध्यक्ष पुष्पा अग्रवाल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के इस विशेष आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। कथा के साथ-साथ भगवान का नाम संकीर्तन और मनमोहक भजनों का आयोजन श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर संस्था की सचिव ऊषा बंसल, रजनी, श्वेता गोयल, रीना अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, नीलम मित्तल, संगीता, शिल्पी, कुसुम गर्ग, निर्मल, आशी अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में सुरेश चंद्र गर्ग, राकेश गोयल, ओमप्रकाश गोयल, राकेश गर्ग, पायल और अंकुर का भी विशेष सहयोग रहा।


