सन नियो के कलाकारों ने साझा किए दशहरे से जुड़े अपने अनुभव: सूरज प्रताप सिंह और गौरव बाजपेयी ने बताया उनके लिए क्यों खास है विजय पर्व

Entertainment

मुंबई: विजयादशमी का पावन पर्व केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की कमियों और नकारात्मकता को छोड़कर अच्छे गुणों को अपनाने का एक खास अवसर भी होता है। इस खास मौके पर लोकप्रिय मनोरंजन चैनल सन नियो के दो जाने-माने कलाकारों—शो ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ में ‘प्रेम’ का किरदार निभा रहे सूरज प्रताप सिंह और ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ में ‘अभिजीत’ के रूप में नजर आ रहे गौरव बाजपेयी—ने अपने दिल की बात साझा करते हुए बताया कि उनके लिए दशहरे का क्या महत्व है और इस पर्व पर वे अपनी किन बुरी आदतों या कमियों को छोड़ना चाहते हैं।

​सूरज प्रताप सिंह: “गलतियों को जिंदगी का हिस्सा मानकर खुद को बेहतर बनाना है”

​अपने विचार साझा करते हुए अभिनेता सूरज प्रताप सिंह ने कहा, “दशहरा हमें यह याद दिलाता है कि अंततः जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है। ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ में बाल कलाकारों के साथ काम करते हुए मैंने यह सीखा है कि दया, सच्चाई और निस्वार्थ प्रेम से समाज में बहुत बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। बच्चों की दुनिया बहुत सुंदर होती है, वे हर चीज को उम्मीद और उत्साह से देखते हैं।”

​अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “इस दशहरे पर मैं खुद से बहुत ज्यादा उम्मीदें रखने और अपनी छोटी-छोटी गलतियों के लिए खुद को लगातार दोष देने की पुरानी आदत को छोड़ना चाहता हूँ। मैं अपनी हर गलती को जीवन का एक सबक मानना सीखना चाहता हूँ, क्योंकि हर गलती हमें कुछ नया सिखाती है।”

गौरव बाजपेयी: “बेवजह की चिंताओं को छोड़कर आज के पल में जीना है”

​वहीं, अभिनेता गौरव बाजपेयी ने दशहरे के महत्व पर बात करते हुए कहा, “मेरे लिए दशहरा सकारात्मकता और बुराई पर अच्छाई की विजय का सबसे बड़ा त्योहार है। मुझे अपने परिवार के साथ यह पर्व मनाना, उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताना और खुशियां साझा करना बेहद पसंद है।”

​अपनी कमियों के बारे में खुलकर बात करते हुए गौरव ने कहा, “इस दशहरे पर मैं हर बात को जरूरत से ज्यादा सोचने (Overthinking) की अपनी आदत को हमेशा के लिए छोड़ना चाहता हूँ। मैं अक्सर अपने काम और भविष्य को लेकर काफी ज्यादा सोचता हूँ, जिसके चलते कई बार मैं वर्तमान (आज के पल) को पूरी तरह जीना भूल जाता हूँ। इस विजय पर्व पर मैं अपनी बेवजह की चिंताओं को अलविदा कहकर सकारात्मकता, शांति और खुशियों का स्वागत करना चाहता हूँ।”

​आपको बता दें कि दर्शकों के पसंदीदा शोज़ ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ का प्रसारण हर सोमवार से शनिवार शाम 7:00 बजे और ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ का प्रसारण शाम 7:30 बजे सिर्फ सन नियो पर किया जाता है।