सामाजिक बदलाव को मिला ‘स्टॉक मार्केट’ का साथ; एनजीओ ‘FUEL’ की एनएसई पर सफल लिस्टिंग

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​मुंबई (अनिल बेदाग): भारत में सामाजिक सेवा और निवेश के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शिक्षा और कौशल विकास (Skill Development) के क्षेत्र में सक्रिय अग्रणी संस्था FUEL (फ्रेंड्स यूनियन फॉर एनर्जाइजिंग लाइव्स) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) पर अपनी लिस्टिंग पूरी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मुंबई में आयोजित एक भव्य ‘बेल-रिंगिंग’ समारोह में मनाया गया।

​दिग्गजों की मौजूदगी में गूँजी सफलता की घंटी

इस गौरवशाली अवसर पर महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इन दिग्गजों की मौजूदगी में संस्थान ने अपने ‘सोशल स्टॉक एक्सचेंज इश्यू’ की भी घोषणा की। इस फंड का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों (First-generation learners) को स्कॉलरशिप और डिजिटल स्किल्स प्रदान करना है।

​पारदर्शिता और जवाबदेही का नया मंच

समारोह को संबोधित करते हुए चंद्रकांत पाटिल ने कहा, “सोशल स्टॉक एक्सचेंज जैसी पहल सामाजिक संगठनों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। यह मंच न केवल पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है, बल्कि यह भी तय करता है कि निवेश किए गए पैसे का वास्तविक और सकारात्मक परिणाम समाज पर दिखे।”

​वहीं, कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इसे सामूहिक प्रयास की जीत बताते हुए कहा कि यह पहल समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।

​छात्रों के सशक्तीकरण का संकल्प

फ्यूल के संस्थापक डॉ. केतन देशपांडे ने संस्थान के विज़न को साझा करते हुए कहा, “एनएसई के इस मंच से जुड़ना हमारे लिए गर्व की बात है। इसके जरिए हम आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले छात्रों के सपनों को हकीकत में बदलने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा ध्यान विशेष रूप से युवा महिलाओं को डिजिटल साक्षरता और करियर के नए अवसरों से लैस करने पर है।”

​इस लिस्टिंग के साथ ‘फ्यूल’ अब उन चुनिंदा संस्थाओं में शामिल हो गई है जो कॉर्पोरेट जगत जैसी पारदर्शिता के साथ सामाजिक कल्याण के कार्यों को अंजाम दे रही हैं। यह कदम न केवल दानदाताओं का भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि सामाजिक निवेश के क्षेत्र में निवेश की नई राहें भी खोलेगा।