लखनऊ: संविधान शिल्पी डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सियासी सरगर्मियां तेज रहीं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हजरतगंज स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने न केवल सामाजिक न्याय की लड़ाई को धार देने का संकल्प लिया, बल्कि नोएडा में हुई हालिया हिंसा को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
संविधान की रक्षा का संकल्प:
अखिलेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. आंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान महज एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि “लोहे की तलवार” है, जो हर नागरिक को सम्मान और न्याय का अधिकार देती है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की मंशा संविधान को बदलने की है, लेकिन उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता ऐसा कभी होने नहीं देगी।
नोएडा हिंसा को बताया सरकारी विफलता:
नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा मुखिया ने इसे सरकार की भारी नाकामी करार दिया। उन्होंने कहा, “नोएडा में जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में सरकार को पहले से जानकारी थी, फिर भी इसे होने दिया गया।” उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि अगर इस हिंसा के पीछे कोई साजिश है, तो उसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री और भाजपा जिम्मेदार हैं।
2027 के लिए चुनावी बिगुल:
आंबेडकर जयंती को सामाजिक न्याय और जनसंपर्क अभियान के रूप में मनाते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता भाजपा की नीतियों से त्रस्त है। उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता से बाहर हो जाएगी और प्रदेश में एक बार फिर सामाजिक न्याय का राज स्थापित होगा।
पूरे प्रदेश में आज अंबेडकर जयंती को न केवल एक स्मृति दिवस के रूप में, बल्कि हक और अधिकारों की आवाज बुलंद करने वाले एक बड़े अभियान के तौर पर मनाया जा रहा है।

