एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा का 172 साल के इतिहास में सबसे बड़ा कीर्तिमान: पहली बार सफल ओपन हार्ट बाईपास सर्जरी से रचा इतिहास, चिकित्सकों का सम्मान

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आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज ने अपने 172 वर्ष पुराने इतिहास में पहली बार सफल हार्ट बाईपास सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। अब पहली बार यहां ओपन हार्ट सर्जरी सफल होने से आगरा मंडल सहित आसपास के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब तक आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, हाथरस और अलीगढ़ समेत आसपास के जिलों के मरीजों को हार्ट बाईपास सर्जरी के लिए दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जहां इलाज में लाखों रुपये खर्च होते थे। लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर और सस्ता इलाज उपलब्ध हो सकेगा।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय मेडिकल कॉलेज पहुंचे और सफल सर्जरी करने वाली चिकित्सकों एवं ऑपरेशन थिएटर टीम को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आगरा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की नीति के कारण आगरा मंडल के मरीजों को यह आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो सकी है।

कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि विधायक बनने के बाद से ही उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज को “मिनी एम्स” के रूप में विकसित करने और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिए थे।

मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ हृदय रोग सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि हाई रिस्क मरीज को 10 अप्रैल को भर्ती किया गया था। मरीज का असाध्य रोग निधि योजना के तहत पंजीकरण कराया गया। इसके बाद 13 अप्रैल की रात 10 बजे मरीज की धड़कते हुए दिल पर “ऑफ पंप कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग” (CABG) सर्जरी की गई। उन्होंने बताया कि सामान्यतः हार्ट बाईपास सर्जरी के बाद मरीज को 5 से 7 दिन अस्पताल में रखा जाता है, लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज की टीम ने सफल इलाज के बाद मरीज को मात्र 72 घंटे में सुरक्षित डिस्चार्ज कर दिया।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इसे संस्थान की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि पूरी टीम ने अत्यंत समर्पण और दक्षता के साथ ऑपरेशन को सफल बनाया। इस ऐतिहासिक सर्जरी में कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. शिव कुमार, डॉ. सुलभ गर्ग, डॉ. आरती, एनेस्थीसिया टीम से डॉ. अपूर्व मित्तल, डॉ. योगिता, डॉ. अतिहर्ष मोहन, डॉ. अमित, डॉ. रोहन, डॉ. अखिल, डॉ. विकास सहित नर्सिंग स्टाफ प्रमिला, श्वेता सुमन और प्रिया की विशेष भूमिका रही।

सम्मान समारोह में रहे मौजूद

सम्मान समारोह में प्रमुख रूप से मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता, विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील सिंघल, भाजपा व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष देवेश पचौरी, आदेश सिंघल, पार्षद मीनाक्षी वर्मा, बद्री प्रसाद माहौर, गुड्डू मेनन, अनुराग चतुर्वेदी, हेमंत प्रजापति, राधा मानवानी, हीरा सिंह तथा मेडिकल कॉलेज की मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रीति भारद्वाज मौजूद रहीं।

इनका हुआ सम्मान 

कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने एसोसिएट प्रोफेसर सीटीवीएस डॉ. सुशील सिंघल, विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता द्विवेदी, डॉ. अपूर्व मित्तल, डॉ. अतिहर्ष मोहन, डॉ. शिवकुमार, डॉ. अमित, डॉ. सुलभ गर्ग, डॉ. आरती, डॉ. रोहन कुमार गुप्ता सहित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को सम्मानित किया।