आगरा: ताजनगरी में मेट्रो निर्माण के साथ-साथ आमजन को सुगम और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के कड़े रुख और निर्देशों के बाद, मेट्रो ने उन क्षेत्रों से बैरिकेडिंग हटाना शुरू कर दिया है जहाँ पिलर और यू-गर्डर रखने का काम पूरा हो चुका है। बैरिकेडिंग हटने के साथ ही सड़कों की मरम्मत और गड्ढा मुक्ति का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
इन प्रमुख स्थानों पर सुगम हुआ यातायात
यूपी मेट्रो ने दूसरे कॉरिडोर के तहत कई महत्वपूर्ण मार्गों पर सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत का काम पूरा कर लिया है:
मॉल रोड: यहाँ के अधिकतम भाग से बैरिकेडिंग हटाई जा चुकी है, जिससे यह मार्ग अब काफी खुला नजर आ रहा है।
कैंट और सदर क्षेत्र के सुल्तानपुरा, सदर बाजार मेट्रो स्टेशन के पास और रकाबगंज डिवीजन में पिलर नंबर 112 से 114 तक पैच वर्क पूरा हो चुका है।
महात्मा गांधी रोड पर पिलर नंबर 134 से 136 और होटल मोती पैलेस (पिलर 149) के पास पैच वर्क का काम तेजी से चल रहा है।
सरकारी कार्यालय क्षेत्र सुभाष पार्क, धाकरान चौराहा, कलेक्ट्रेट परिसर, आगरा कॉलेज और नगर निगम कार्यालय के सामने से भी बैरिकेडिंग हटाकर मार्ग को सुव्यवस्थित किया जा रहा है।
रावली और कलेक्ट्रेट मोड़ पर मिली बड़ी राहत
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सर्वाधिक ट्रैफिक वाले स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। रावली मंदिर क्षेत्र और कलेक्ट्रेट मोड़ पर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर मार्ग को पूरी तरह गड्ढा मुक्त कर दिया गया है। इससे स्थानीय दुकानदारों, नागरिकों और वाहन चालकों को जाम से बड़ी राहत मिली है।
DM मनीष बंसल के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जहाँ भी निर्माण कार्य के कारण अनावश्यक यातायात बाधित हो रहा है, वहां तत्काल बैरिकेडिंग हटाई जाए। उन्होंने कहा, “आमजन को यातायात में असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। सड़क निर्माण और ट्रैफिक व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।”
भविष्य की तैयारी: पहले से बन रही है सड़क
मेट्रो टीम ने एक विशेष रणनीति के तहत बैरिकेडिंग के अंदर ही सिविल कार्यों के साथ सड़क निर्माण भी शुरू कर दिया था। इसका फायदा यह हुआ कि जैसे ही बैरिकेडिंग हट रही है, शहरवासियों को तैयार सड़क मिल रही है। यह पहल न केवल मेट्रो प्रोजेक्ट को गति दे रही है, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और फुटपाथों को बेहतर बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

