आगरा। उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में साइबर ठगों ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए एक व्यक्ति के बैंक खाते से बड़ी सफाई से 5 लाख रुपये उड़ा लिए। इस घटना का सबसे चौंकाने वाला और हैरान करने वाला पहलू यह है कि पीड़ित नवीन कुमार शर्मा ने अपने बैंक खाते की नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सुविधा बहुत पहले ही बंद करवा रखी थी। इसके बावजूद, 12 अगस्त की सुबह करीब नौ बजे अचानक उनके खाते से पांच लाख रुपये निकल गए। जैसे ही उनके मोबाइल फोन पर रकम निकासी का मैसेज (संदेश) आया, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को यह तक पता नहीं चल सका कि आखिर यह रकम किस माध्यम से और किस बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है।
सुबह मोबाइल पर आया 5 लाख रुपये निकलने का मैसेज
शमशाबाद रोड स्थित डी-54, अंसल टाउन के रहने वाले नवीन कुमार शर्मा ने इस गंभीर मामले की शिकायत पुलिस लाइन स्थित ‘साइबर क्राइम थाना’ में दर्ज कराई है। पीड़ित के मुताबिक, 12 अगस्त की सुबह करीब नौ बजे उनके मोबाइल पर बैंक खाते से 5 लाख रुपये की निकासी या ट्रांसफर होने का अलर्ट मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज देखते ही उन्होंने तुरंत अपने बैंक खाते की जानकारी जांची, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि खाते से पूरी रकम गायब थी। उन्होंने बिना किसी बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल किए इतनी बड़ी रकम कटने पर तत्काल बैंक शाखा से संपर्क किया।
पीड़ित का कहना है कि उन्हें समझ ही नहीं आ रहा है कि आखिर ठगों ने बिना नेट और मोबाइल बैंकिंग के उनके खाते तक सेंध कैसे लगा ली।
नेट और मोबाइल बैंकिंग बंद होने के बाद भी हुई सेंधमारी
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा रहस्य यही बना हुआ है कि जब नवीन कुमार ने अपने खाते की सारी डिजिटल सेवाएं यानी नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग पहले से ही बंद करवा रखी थीं, तब भी उनके खाते से इतनी बड़ी रकम कैसे निकल गई।
इससे यह आशंका गहराई जा रही है कि साइबर ठगों ने किसी अन्य वैकल्पिक तकनीकी माध्यम या बैंक स्तर की किसी खामी का फायदा उठाकर इस ट्रांजेक्शन को अंजाम दिया है। रकम कटने की सूचना मिलते ही पीड़ित ने बैंक पहुँचकर खाते की सुरक्षा से जुड़े तमाम जरूरी कदम उठाए। उन्होंने अपनी बैंकिंग सेवाओं की दोबारा जांच करवाई और ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई।
जीरो एफआईआर दर्ज, पुलिस खंगाल रही मनी ट्रेल
शिकायत मिलने के तुरंत बाद सक्रिय हुई साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में ‘जीरो FIR’ दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने संबंधित बैंक से पीड़ित के खाते का विस्तृत लेन-देन विवरण (ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड) तलब किया है। अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि आखिर वह 5 लाख रुपये किस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, किस माध्यम (चैनल) से यह ट्रांजेक्शन हुआ और उसके बाद वह रकम आगे किन-किन खातों में भेजी गई।
साइबर पुलिस इस पूरी रकम की ‘मनी ट्रेल’ (Money Trail) खंगालने में जुटी है। जिस भी खाते में यह रकम पहुँची है, उस खाताधारक और उससे जुड़े अन्य संदिग्ध खातों की भी गहराई से छानबीन की जाएगी। इसके अलावा, साइबर विशेषज्ञ ट्रांजेक्शन के तकनीकी रिकॉर्ड का बारीकी से अध्ययन कर यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ठगों ने बैंकिंग सिस्टम में किस अनूठे तरीके से सेंध लगाई है।
फर्जी कस्टमर केयर और केवाईसी के नाम पर बढ़ रहा खतरा
इस तरह की घटनाएं एक बार फिर यह याद दिलाती हैं कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए-नए और शातिर तरीके अपना रहे हैं। कभी ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर ‘केवाईसी’ (KYC) अपडेट कराने के नाम पर संवेदनशील जानकारी मांगते हैं, तो कभी फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के जरिए भोले-भाले ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसके अलावा, कई बार पुलिस कार्रवाई, बैंक खाता बंद होने या खाते में संदिग्ध गतिविधि का झूठा डर दिखाकर भी लोगों से उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली जाती है।
साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP), पिन (PIN), पासवर्ड, सीवीवी (CVV), बैंक खाते का विवरण या मोबाइल पर आए किसी भी अनजान लिंक का एक्सेस कभी साझा नहीं करना चाहिए। बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए केवल बैंक के आधिकारिक और अधिकृत नंबरों या माध्यमों का ही उपयोग करना सुरक्षित होता है।
ठगों के पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
5 लाख रुपये की ठगी के इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस केवल रकम की बरामदगी तक अपनी जांच सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि वह यह भी पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे क्या किसी बड़े और संगठित साइबर गिरोह का हाथ है। बैंक ट्रांजेक्शन की डिजिटल जानकारी मिलने के बाद उन सभी संदिग्ध खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डिवाइसेज की तकनीकी जांच की जाएगी जिनका इस्तेमाल इस फ्रॉड में हुआ है। फिलहाल, नेट और मोबाइल बैंकिंग बंद होने के बावजूद इतनी बड़ी रकम के गायब होने का यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठाने का दावा कर रही है।

