मुंबई (माया): भारतीय कला जगत के पितामह कहे जाने वाले महान चित्रकार राजा रवि वर्मा की कृतियों में जो जीवंतता और गरिमा झलकती है, उसे पर्दे या कैनवास पर उतारना किसी चुनौती से कम नहीं है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पैन-इंडिया अभिनेत्री शीना चौहान ने इस चुनौती को न केवल स्वीकार किया, बल्कि अपनी नई फोटो श्रृंखला (Photo Series) के जरिए रवि वर्मा की ‘कालातीत नायिकाओं’ को आधुनिक युग में पुनर्जीवित कर दिया है।
हम्पी के मंत्रमुग्ध कर देने वाले ‘इवॉल्व बैक’ (Evolve Back) में शूट की गई यह श्रृंखला चार चित्रों का एक अद्भुत संगम है। शीना यहाँ केवल चित्रों की नकल नहीं कर रहीं, बल्कि उन्होंने उन पात्रों की आत्मा को आत्मसात किया है।
इस सिनेमाई सफर में शीना ‘दमयंती’ के रूप में हंस के साथ संवाद करती हुई जिज्ञासा और शक्ति का परिचय देती हैं।
वहीं, ‘चांदनी रात’ के चित्रण में वह आत्मचिंतन और स्थिरता की प्रतिमूर्ति नज़र आती हैं। ‘फलों के साथ राजकुमारी’ के रूप में उनकी सौम्यता और समृद्धि दर्शकों को शांति का अनुभव कराती है, जबकि अंतिम चित्र में एक ‘शास्त्रीय नायिका’ के रूप में उनका संतुलन और गहराई भारतीय स्त्रीत्व के शाश्वत स्वरूप को परिभाषित करती है। वेशभूषा, आभूषण और लाइटिंग का सटीक तालमेल इस प्रोजेक्ट को एक ‘मास्टरपीस’ बनाता है।
अपनी इस खास पहल पर शीना चौहान कहती हैं, “राजा रवि वर्मा की नायिकाओं को दोबारा जीना मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने महिलाओं को सिर्फ सुंदर आकृतियों के रूप में नहीं, बल्कि भावनाओं और आत्मनिर्भरता से भरपूर दिखाया है। एक कलाकार के तौर पर मुझे ऐसे बहुआयामी किरदारों से गहरा लगाव है। यह श्रृंखला उनके सामर्थ्य को आज के संदर्भ में सम्मान देने का मेरा एक विनम्र प्रयास है।”
वर्कफ्रंट की बात करें तो, ‘संत तुकाराम’ में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद शीना जल्द ही जेडी चक्रवर्ती के साथ ‘जतस्य मरणं ध्रुवम्’ में नजर आएंगी। इसके अलावा वह इलैयाराजा के संगीत से सजी फिल्म ‘अर्जुननिन अल्लिरानी’ और हॉलीवुड प्रोजेक्ट ‘नोमैड’ (Nomad) को लेकर भी चर्चा में हैं। शीना का यह प्रोजेक्ट साबित करता है कि जब इतिहास को गहरी समझ के साथ जिया जाता है, तो कला सचमुच जीवंत हो उठती है।

