आगरा कॉलेज में स्ववित्तपोषित शिक्षकों का फूटा गुस्सा: 20 साल के शोषण के खिलाफ लगातार तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

स्थानीय समाचार

आगरा। अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत स्ववित्तपोषित शिक्षकों के पिछले 20 वर्षों से लंबित विनियमितीकरण (नियमितीकरण) और न्यूनतम वेतनमान की मांगों को लेकर आगरा कॉलेज के शिक्षकों का तीखा विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान के आह्वान पर शिक्षकों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर उत्तर प्रदेश शासन की नीतियों के प्रति गहरा विरोध जताया और एक ही संस्थान में लागू दोहरी व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर समान अधिकार देने की पुरजोर मांग उठाई।

महाविद्यालय परिसर स्थित संस्थापक पंडित गंगाधर शास्त्री की भव्य प्रतिमा के समक्ष भारी संख्या में एकत्रित हुए शिक्षकों ने कहा कि अनुदानित महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित (Self-Finance) व्यवस्था के तहत पिछले दो दशकों से निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षक लगातार प्रशासनिक व वित्तीय उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एक ही महाविद्यालय परिसर में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों के बीच यह विभेदकारी दोहरी व्यवस्था अविलंब समाप्त होनी चाहिए और स्ववित्तपोषित शिक्षकों को भी सम्मानजनक वेतन व पूर्ण सेवा संबंधी अधिकार प्रदान किए जाने चाहिए।

​20 साल पुराना शोषण खत्म कर शीघ्र हो विनियमितीकरण: डॉ. सतीश निगम व डॉ. अनिल सिंह

आगरा कॉलेज की स्ववित्तपोषित शिक्षक इकाई के अध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र निगम और महामंत्री डॉ. अनिल सिंह ने शासन से 20 वर्षों से चली आ रही इस शोषणकारी व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने तथा स्ववित्तपोषित शिक्षकों का शीघ्र अति शीघ्र विनियमितीकरण करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ उच्च शिक्षा में योगदान दे रहे शिक्षकों को उनके समर्पण के अनुरूप सेवा सुरक्षा और आर्थिक स्थायित्व मिलना ही चाहिए।

​यूजीसी का न्यूनतम वेतनमान दे सरकार: डॉ. शिव कुमार सिंह

फुपुक्टा कार्यकारिणी के वरिष्ठ प्रतिनिधि डॉ. शिव कुमार सिंह ने शिक्षकों की जायज मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार या तो अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित शिक्षकों का अविलंब विनियमितीकरण करे अथवा उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान का वैधानिक लाभ प्रदान करे।

​प्रदर्शन में गरिमामयी उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में आगरा कॉलेज स्टाफ क्लब के सचिव डॉ. आनंद प्रताप सिंह, मुख्य प्रानुशासक प्रो. वी.के. सिंह, प्रो. के.पी. तिवारी, मीडिया प्रभारी डॉ. गौरव कौशिक, डॉ. चेतन गौतम, डॉ. अश्वनी शर्मा, डॉ. पुनीत मिश्रा, डॉ. नीरज मनचंदा, डॉ. यशस्विता चौहान, डॉ. संध्या अग्रवाल, डॉ. रमा सिसोदिया, डॉ. प्रीती माहेश्वरी, डॉ. वी.पी. सिंह, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. वसुधा अग्रवाल, डॉ. आनंद शर्मा तथा डॉ. बृजेश सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

प्रदर्शन के अंत में सभी शिक्षकों ने शासन-प्रशासन से भावुक अपील की कि वर्षों से लंबित उनकी जायज मांगों पर अब बिना किसी विलंब के सकारात्मक और ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने वाले स्ववित्तपोषित शिक्षकों को उनका वाजिब हक, मान-सम्मान और अधिकार मिल सके।