दीपावली से पहले चंबल पांटून पुल चालू: यूपी और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती लोगों को मिली बड़ी राहत, 4 महीने बाद सुगम हुआ आवागमन

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आगरा (रिपोर्टर: नीरज परिहार)। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमाओं को जोड़ने वाला चंबल नदी का प्रसिद्ध पांटून पुल दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले आवागमन के लिए पूरी तरह चालू कर दिया गया है। पिछले चार महीनों से स्टीमर संचालन बंद रहने के कारण भारी परेशानी झेल रहे दोनों राज्यों के दर्जनों सीमावर्ती गांवों के निवासियों को पुल शुरू होने से बहुत बड़ी राहत मिली है।

स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं और त्योहारों के समय बढ़ने वाली आवाजाही को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), आगरा ने पुल के निर्माण और संचालन से जुड़े कार्यों को रिकॉर्ड समय में तेजी से पूरा करवाया। पुल पर यातायात बहाल होने से अब लोगों को नदी पार करने के लिए किलोमीटर लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि चंबल नदी पर बना यह पांटून पुल उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के पिनाहट क्षेत्र को मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों और इलाकों से सीधे जोड़ता है। पिछले करीब चार महीनों से मध्य प्रदेश प्रशासन की ओर से सुरक्षा कारणों से स्टीमर सेवा का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया गया था। इसके चलते नदी के दोनों छोर पर बसे ग्रामीणों को अपने दैनिक कामकाज, बाजार, रिश्तेदारी और आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं के लिए लंबा वैकल्पिक मार्ग तय करना पड़ रहा था, जिससे समय और धन दोनों का काफी नुकसान हो रहा था।

15 अक्टूबर से 15 जून तक रहता है पुल का संचालन

विभागीय नियमों के अनुसार, चंबल पांटून पुल का नियमित संचालन प्रतिवर्ष 15 अक्टूबर से 15 जून तक किया जाता है (मानसून के मौसम में इसे सुरक्षा के लिहाज से हटा दिया जाता है)। इस निर्धारित अवधि में पैदल यात्रियों के साथ-साथ दुपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पुल का आवागमन पूरी तरह निशुल्क रहता है। दीपावली से ठीक पहले इस मुख्य मार्ग के खुल जाने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में भारी खुशी की लहर है। चार महीने की लंबी परेशानी के बाद मिली इस सुविधा से लोगों का त्योहार का उत्साह दोगुना हो गया है।

थाना प्रभारी ने पुलिस टीम के साथ चंबल घाट का लिया जायजा

पांटून पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने के तुरंत बाद कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए थाना प्रभारी पिनाहट वीरेश पाल गिरी पुलिस टीम के साथ चंबल नदी घाट पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर पुल और एप्रोच मार्ग का निरीक्षण किया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि पुल से गुजरने वाले वाहनों की गति और भार क्षमता पर नजर रखी जाए ताकि आवागमन पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बना रहे।

​चंबल पांटून पुल के दोबारा चालू हो जाने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच व्यापारिक, सामाजिक और व्यावहारिक संबंध एक बार फिर सामान्य हो गए हैं और दोनों राज्यों के हजारों यात्रियों का प्रतिदिन का सफर बेहद आसान हो गया है।