नोएडा में ‘सैलरी’ संग्राम: दूसरे दिन भी पत्थरबाजी, 15 कंपनियां फोर्स और ड्रोन से निगरानी, उपद्रवियों से होगी नुकसान की भरपाई

Regional

नोएडा: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर शुरू हुआ आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी पूरी तरह शांत नहीं हो सका। हालांकि सरकार ने सोमवार देर रात श्रमिकों के मानदेय में ₹3000 तक की बढ़ोतरी का ऐतिहासिक फैसला लिया है, लेकिन इसके बावजूद कुछ इलाकों में छिटपुट हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। प्रशासन ने अब साफ कर दिया है कि रियायत का वक्त खत्म हो चुका है और उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा।

सेक्टर-121 और फेज-2 में फिर भड़का तनाव

मंगलवार को नोएडा के सेक्टर-121 और फेज-2 इलाके में कुछ अराजक तत्वों ने एक बार फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाते हुए पत्थरबाजी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गलियों में उतरकर उपद्रवियों को खदेड़ा और संदिग्धों को हिरासत में लेना शुरू किया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद अब इन इलाकों की सड़कें पूरी तरह सुनसान हैं और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

सुरक्षा का अभेद्य घेरा और ड्रोन से निगरानी

हालात की गंभीरता को देखते हुए नोएडा में सुरक्षा का ‘घेरा’ और मजबूत कर दिया गया है । पीएसी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं। 8 एडिशनल एसपी और 18 डीएसपी समेत कुल 26 वरिष्ठ अधिकारी सड़कों पर उतरकर कमान संभाल रहे हैं।

फेज-2 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर अतिरिक्त बल तैनात है, क्योंकि यहाँ के कर्मचारियों की भूमिका कल की हिंसा में अहम मानी गई थी। चप्पे-चप्पे पर CCTV और ड्रोन से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

DGP की सख्त चेतावनी: “हर्जाना उपद्रवियों की जेब से”

लखनऊ कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग कर रहे डीजीपी राजीव कृष्ण ने दो-टूक कहा है कि सरकारी या निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से ही की जाएगी। अब तक 300 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस ने उन 50 ‘X’ (ट्विटर) हैंडल और व्हाट्सएप ग्रुप्स को भी चिन्हित कर लिया है, जिन्होंने ₹20,000 वेतन की अफवाह फैलाकर भीड़ को उकसाया था।

350 फैक्ट्रियां और 200 वाहन हुए थे शिकार

बता दें कि सोमवार को करीब 42 हजार कर्मचारियों ने उग्र रूप धारण करते हुए 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की थी। इस दौरान 50 गाड़ियां फूंक दी गईं और 150 से अधिक वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। फिलहाल ज्यादातर कंपनियां आज बंद रखी गई हैं ताकि स्थिति को पूरी तरह सामान्य किया जा सके।