मेरठ/मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की ओडिशा में गिरफ्तारी की खबर ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। सोमवार शाम जैसे ही भुवनेश्वर से गिरफ्तारी की पुष्टि हुई, पश्चिमी यूपी के जिलों में भाकियू कार्यकर्ताओं का गुस्सा ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा। सिसौली मुख्यालय से आदेश मिलते ही हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सड़कों पर उतर आए हैं।
भुवनेश्वर में आंदोलन के दौरान कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बीते 22 मार्च से किसानों का विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार को ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के आह्वान पर आयोजित विशाल महापंचायत में शामिल होने जा रहे राकेश टिकैत को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया और उन्हें हिरासत में ले लिया। भाकियू के मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
थाने बने अखाड़ा: मेरठ और बिजनौर में भारी विरोध
गिरफ्तारी की खबर जंगल की आग की तरह फैली, जिसके बाद भाकियू ने तत्काल ‘जेल भरो’ और ‘थाना घेराव’ का बिगुल फूंक दिया।
मेरठ में शहर कोतवाली में जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में कार्यकर्ता थाने के भीतर ही धरने पर बैठ गए हैं। मवाना में कार्यकर्ताओं ने सीओ कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। बिजनौर जिले के विभिन्न थानों पर किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया है। भाकियू नेताओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक टिकैत ससम्मान रिहा नहीं होते, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
हाई-अलर्ट पर प्रशासन: हाईवे जाम की चेतावनी
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी से उपजे जनाक्रोश को देखते हुए एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों ने मेरठ रेंज के सभी जिलों में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया है। मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत और बिजनौर में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, यदि सोमवार रात तक टिकैत को रिहा नहीं किया गया, तो मंगलवार सुबह से दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे (NH-58) समेत पश्चिमी यूपी की सभी प्रमुख सड़कों पर बड़ा चक्का जाम किया जाएगा। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत भी जल्द ही इस मुद्दे पर कोई कड़ा फैसला ले सकते हैं। स्थानीय प्रशासन किसानों को शांत करने की कोशिश में जुटा है, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

