पीएम मोदी ने किया राजनीतिक और नैतिक आत्मसमर्पण, ईरान युद्ध और भारतीयों की सुरक्षा पर बरसे मल्लिकार्जुन खरगे

Politics

नई दिल्ली। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष की आंच अब भारतीय हितों तक पहुँच गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने देश के सामरिक और राष्ट्रीय हितों के साथ ‘राजनीतिक और नैतिक रूप से आत्मसमर्पण’ कर दिया है। खरगे ने सरकार की विदेश नीति को ‘विनाशकारी’ बताते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

ईरानी जहाज पर हमले और पीएम की चुप्पी पर सवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने लिखा, “एक ईरानी जहाज भारत का मेहमान था और हमारे द्वारा आयोजित ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026’ से निहत्थे लौट रहा था, लेकिन हिंद महासागर क्षेत्र में उस पर हमला कर दिया गया। इस पर सरकार की ओर से चिंता या शोक का एक भी शब्द नहीं आया। प्रधानमंत्री पूरी तरह मौन हैं।”

होर्मुज की खाड़ी में फंसे 1100 भारतीय नाविक

खरगे ने फंसे हुए भारतीयों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि होर्मुज की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले 38 वाणिज्यिक जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें करीब 1100 भारतीय नाविक मौजूद हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि कैप्टन आशीष कुमार समेत दो भारतीय नाविकों की मौत की खबरें आ रही हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ या राहत अभियान शुरू नहीं किया है।

1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता

खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि वहां फंसे मेडिकल छात्र मदद के लिए हताशा भरे वीडियो संदेश भेज रहे हैं। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि प्रभावित क्षेत्रों से भारतीयों को निकालने की क्या कोई ठोस योजना (Evacuation Plan) है? भारत सरकार उनकी भलाई और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर रही है?

​”पुरानी विदेश नीति को किया नष्ट”

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि वर्तमान सरकार की नीतियां वर्षों की मेहनत से बनाई गई भारत की विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता को नष्ट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह ‘आत्मसमर्पण’ भारत के मूल राष्ट्रीय हितों को कमजोर करने वाला है।