सफेदपोश अपराधियों की नई पौध: चंबल के युवाओं में बढ़ता गैंगस्टर कल्चर, रईसी के चक्कर में अपराध के सिंडिकेट से जुड़े तार

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बाह/आगरा, 23 मार्च 2026: कभी मान सिंह और मलखान सिंह की बंदूकों की गूँज से थर्राने वाला चंबल का बीहड़ अब एक नए और हाईटेक अपराध की गिरफ्त में है। आगरा का बाह क्षेत्र, जो कभी बागियों की शरणस्थली था, अब अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गैंगस्टर नेटवर्क का ‘हॉटस्पॉट’ बन चुका है। मुंबई में फिल्म मेकर रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग के तार बाह के बिजौली गांव से जुड़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है।

100 मीटर के दायरे में ‘क्राइम सिंडिकेट’

जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। बिजौली गांव से अब तक 6 आरोपियों को दबोचा जा चुका है। हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़े गए सभी आरोपियों के घर महज 100 मीटर के दायरे में हैं। यूपी एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच की रडार पर अब भी बाह और पिनाहट के दो दर्जन से ज्यादा युवा हैं। हाल ही में पकड़े गए प्रदीप शर्मा से पूछताछ में कई बड़े खुलासों की उम्मीद है।

विदेशी पिस्टल और रईसी ठाट-बाट

​गांव के साधारण युवाओं की बदलती जीवनशैली ने पुलिस का शक गहरा कर दिया है।

हाईटेक हथियार: चर्चा है कि इन युवाओं के पास जर्मन मेड वाल्थर (Walther) और तुर्की की जिगाना (Zigana) जैसी महंगी विदेशी पिस्टल देखी गई हैं।

​लाइफस्टाइल: आईपीएल सट्टेबाजी, जुए में लाखों की बाजी और अचानक आए रईसी ठाट-बाट ने संकेत दिया है कि ये युवा बड़े गैंग के ‘स्लीपर सेल’ या ‘शूटर’ के तौर पर काम कर रहे हैं।

​लॉरेंस बिश्नोई, बम्बीहा और लोंकर गैंग का जाल

खुफिया इनपुट्स बताते हैं कि बाह, पिनाहट और जैतपुर के बीहड़ी रास्तों का इस्तेमाल अब लॉरेंस बिश्नोई, बम्बीहा और शुभम लोंकर जैसे कुख्यात गैंग अपना नेटवर्क फैलाने के लिए कर रहे हैं। कम उम्र के लड़कों को ‘फेम’ और ‘पैसे’ का लालच देकर अपराध की अंधी गली में धकेला जा रहा है।

​एसटीएफ की पैनी नजर

यूपी एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार बाह के गांवों में दबिश दे रही हैं। संदिग्धों के कॉल डिटेल्स (CDR) और सोशल मीडिया एक्टिविटी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि बाह क्षेत्र अब अपराधियों के लिए केवल छिपने की जगह नहीं, बल्कि नए ‘रिक्रूटमेंट’ का केंद्र बन गया है।