एक्शन मोड में नवागत आगरा जिलाधिकारी: जिला अस्पताल में पेयजल और साइनेज दुरुस्त करने के कड़े निर्देश, लापरवाही पर दी चेतावनी

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आगरा: ताजनगरी की प्रशासनिक कमान संभालते ही नवागत जिलाधिकारी मनीष बंसल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल दफ्तर में बैठकर फाइलें चलाने वाले अधिकारी नहीं हैं। कार्यभार ग्रहण करने के महज 24 घंटे के भीतर जिलाधिकारी ने सुबह-सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अपनी कार्यशैली का ट्रेलर दिखा दिया। अचानक हुए इस दौरे से अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा और कई कमियां उजागर हुईं।

ओपीडी में अव्यवस्था देख बिफरे डीएम

जिलाधिकारी ने जब ओपीडी और विभिन्न वार्डों का जायजा लिया, तो वहां संचालन बेतरतीब मिला। मरीजों की भारी भीड़ और अफरातफरी देखकर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद CMS और अस्पताल मैनेजर से जवाब तलब करते हुए पूछा कि व्यवस्थाएं इतनी लचर क्यों हैं? उन्होंने दोटूक कहा कि अस्पताल की हर खामी को तत्काल दूर कर सुधार की रिपोर्ट उन्हें शीघ्र सौंपी जाए।

मरीजों से सीधा संवाद: “कोई दिक्कत तो नहीं?”

निरीक्षण के दौरान श्री बंसल ने प्रशासनिक प्रोटोकॉल से हटकर लाइन में खड़े मरीजों और वार्डों में भर्ती तीमारदारों से सीधे बात की। उन्होंने पूछा कि डॉक्टर समय पर मिल रहे हैं या नहीं और दवाओं के लिए बाहर तो नहीं भेजा जा रहा। मरीजों की सुविधा के लिए उन्होंने पूरे परिसर में व्यवस्थित साइनेज (सूचना पट्ट) लगाने के निर्देश दिए, जिनमें ओपीडी का समय और डॉक्टरों की कमरेवार जानकारी स्पष्ट लिखी हो।

​पीने के पानी और सफाई पर कड़े निर्देश

भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल के हर तल पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सीएमओ और सीएमएस को चेतावनी देते हुए कहा, “जनता की सुविधाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मेरा पहला दौरा है, मैं लगातार औचक निरीक्षण करता रहूंगा। अगली बार खामी मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी।”

​प्रशासनिक हलकों में चर्चा

डीएम मनीष बंसल के इस औचक निरीक्षण ने जिले के अन्य विभागों के अधिकारियों को भी सतर्क कर दिया है। 2014 बैच के इस आईएएस अधिकारी के कड़े तेवर बता रहे हैं कि अब जिले की स्वास्थ्य और जनसुविधाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।