आगरा। समाज में बुजुर्गों की उपेक्षा के बढ़ते दौर के बीच रविवार को आगरा में एक बेहद आत्मीय और प्रेरणादायक कार्यक्रम संपन्न हुआ। लीडर्स आगरा और तपन ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में प्रकाशित पुस्तक ‘हमारे बुजुर्ग, हमारी धरोहर’ का भव्य विमोचन रेनबो हॉस्पिटल के प्रभा मल्होत्रा वातानुकूलित हाल में किया गया। यह आयोजन केवल एक पुस्तक का लोकार्पण नहीं, बल्कि उन अनुभवों को सहेजने की कोशिश थी, जिन्होंने आगरा के सामाजिक ताने-बाने को बुना है।
बुजुर्ग परिवार की रीढ़, उपेक्षा नहीं सम्मान के हकदार: प्रो. एसपी सिंह बघेल
समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. एसपी सिंह बघेल ने अपने संबोधन में गहराई से इस बात पर जोर दिया कि बुजुर्ग किसी भी परिवार की सबसे बड़ी पूंजी और अनुभवों की खान होते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन के संध्या काल में उन्हें एकाकीपन के बजाय सम्मान और स्नेह मिलना चाहिए। यह पुस्तक समाज को यह याद दिलाने का काम करेगी कि संयुक्त परिवार की भावना ही हमारी वास्तविक शक्ति है।
चरण वंदन अभियान का साहित्यिक संकलन
महामंत्री सुनील जैन ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि ‘चलें शहर की बुजुर्ग विभूतियों के द्वार’ अभियान के तहत संस्था के सदस्य 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों के घर पहुँचे। इसी कड़ी में 34 विशेष आयोजनों और 29 बुजुर्गों के जीवन अनुभवों को इस बहुरंगी पुस्तक में संकलित किया गया है। उन्होंने उन भावुक क्षणों को याद किया जब परिवारों ने अपने बुजुर्गों के सम्मान के लिए विशेष इंतजाम किए, जो यह साबित करता है कि संस्कार आज भी जीवित हैं।
श्रद्धांजलि और सम्मान का संगम
कार्यक्रम के दौरान माहौल उस वक्त गमगीन हो गया जब उन वरिष्ठजनों को याद किया गया, जिनका सम्मान तो अभियान के दौरान हुआ लेकिन पुस्तक विमोचन से पहले वे दुनिया को अलविदा कह गए। इनमें पूर्व विधायक वीरेंद्र सोन, डॉ. आर.एम. मल्होत्रा और बांके लाल माहेश्वरी जैसी हस्तियां शामिल थीं, जिन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के संदेशों से समृद्ध
डॉ. पार्थसारथी शर्मा की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में महंत गोपी गुरु और संरक्षक सुरेश चंद्र गर्ग सहित कई गणमान्य जन मौजूद रहे। इस पुस्तक में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुभकामना संदेशों के साथ-साथ आगरा के प्रमुख समाजसेवी पूरन डावर, पद्मश्री डॉ. आर.एस. पारीक और डॉ. डी.के. हाजरा जैसे दिग्गजों के जीवन दर्शन को भी स्थान दिया गया है।
रचनाकारों की मेहनत को मिला मान
समारोह के अंत में पुस्तक के संपादक आदर्श नंदन गुप्ता, विशेष संपादक सुभाष रावत और ग्राफिक डिजाइनर राजेश माहौर सहित प्रकाशन टीम को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आगरा के प्रबुद्ध वर्ग, चिकित्सकों और समाजसेवियों की भारी मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि ‘बुजुर्ग हमारी धरोहर’ का संदेश शहर के दिल तक पहुँच चुका है।

