मेरठ: साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे प्रतिष्ठित हस्तियों की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला मेरठ से सामने आया है, जहाँ उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. हिमानी अग्रवाल का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने उनके परिचितों से करीब 1.47 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
डा. हिमानी अग्रवाल ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे उनका व्हाट्सएप नंबर हैक कर लिया गया। अपराधियों ने उनकी प्रोफाइल फोटो और पहचान का दुरुपयोग करते हुए उनके परिचितों को संदेश भेजे और उनसे जरूरी कार्य का हवाला देकर बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने की मांग की। ठगों की बातों पर भरोसा कर तीन परिचितों ने क्रमशः 45 हजार, 50 हजार और 52 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अन्य परिचित ने डा. अग्रवाल को फोन कर व्हाट्सएप पर रुपये मांगे जाने की जानकारी दी। हकीकत पता चलते ही डा. अग्रवाल ने तुरंत सोशल मीडिया पर संदेश वायरल कर लोगों को सतर्क किया और मामले की जानकारी एसएसपी अविनाश पांडेय व एसपी क्राइम अवनीश कुमार को दी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए साइबर सेल के माध्यम से व्हाट्सएप अकाउंट को बंद कराया। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि मामले की तकनीकी जांच की जा रही है और उन खातों को ट्रैक किया जा रहा है जिनमें रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
साइबर पुलिस ने वापस दिलाई लोगों की गाढ़ी कमाई
दूसरी ओर, मेरठ पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए दो पीड़ितों को राहत पहुँचाते हुए उनकी रकम वापस दिलाई है। लाल कुर्ती क्षेत्र के निवासी हरीश छाबड़ा के साथ 18 अप्रैल को 54,820 रुपये की ठगी हुई थी, जिस पर थाना लालकुर्ती की साइबर क्राइम टीम ने कार्रवाई करते हुए ठगों के खातों को सीज कराकर पूरी धनराशि वापस कराई।
इसी प्रकार, मेडिकल थाना क्षेत्र की निवासी रितु पत्नी यश पवार के खाते से ठगों ने 23,600 रुपये उड़ा लिए थे। मेडिकल थाने की साइबर हेल्प डेस्क ने सक्रियता दिखाते हुए संबंधित बैंक खातों को समय रहते सीज कराया और पीड़ित महिला की रकम सुरक्षित वापस दिलाने में सफलता प्राप्त की। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान मैसेज या फोन कॉल पर भरोसा न करें और वित्तीय लेन-देन में पूरी सावधानी बरतें।


