आगरा। ताजनगरी में गोल्ड लोन के नाम पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। थाना ताजगंज पुलिस ने एक कारोबारी की शिकायत पर आईसीआईसीआई बैंक की बेलनगंज शाखा के शाखा प्रबंधक, डिप्टी मैनेजर, एक निजी फाइनेंस कंपनी के मैनेजर समेत 8 नामजद और 3-4 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने पहले गोल्ड लोन का लक्ष्य पूरा कराने के लिए भरोसे में लिया, फिर ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराकर 50.60 लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर करा दिए। शिकायत में इसे सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र और भरोसे के दुरुपयोग का मामला बताया गया है।
भरोसे का गलत फायदा
बेलनगंज निवासी कौशल कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2016 से उनके भवन का एक हिस्सा आईसीआईसीआई बैंक की बेलनगंज शाखा को किराये पर दिया गया है। लंबे समय से बैंक संचालित होने के कारण शाखा अधिकारियों से उनके पारिवारिक और व्यावसायिक संबंध बन गए थे। शिकायत के अनुसार, इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए फरवरी 2026 में शाखा प्रबंधक विवेक सिंह ने उनसे संपर्क किया और वर्ष 2025-26 का गोल्ड लोन लक्ष्य पूरा कराने में सहयोग मांगा। कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया कि कुछ समय बाद लोन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, गिरवी रखा गया सोना सुरक्षित वापस मिल जाएगा और पूरी प्रक्रिया में आने वाला खर्च भी बैंक अधिकारी स्वयं वहन करेंगे।
445.40 ग्राम सोना गिरवी रखकर लिया गया 45.13 लाख का लोन
पीड़ित का आरोप है कि बैंक अधिकारियों के आश्वासन पर विश्वास करते हुए उन्होंने अपने बेटे विभोर के नाम पर 445.40 ग्राम सोना गिरवी रखकर 45.13 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी लोन खाता बंद नहीं किया गया। जब उन्होंने कई बार जानकारी मांगी तो हर बार तकनीकी कारणों और बैंकिंग प्रक्रिया का हवाला देकर उन्हें टाल दिया गया।
ब्लैंक चेक का खेल
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि बाद में बैंक अधिकारियों ने कहा कि लोन बंद करने से पहले खाते में कुछ वित्तीय लेनदेन दिखाना जरूरी है। इसी बहाने 6 जून 2026 को कथित रूप से पीड़ित से ब्लैंक चेकों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। शिकायत के मुताबिक बाद में उन्हीं चेकों में सौरभ साहनी का नाम भरकर दो चेकों के माध्यम से कुल 50.60 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
दूसरे गोल्ड लोन का भुगतान करने में इस्तेमाल हुई रकम!
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सौरभ साहनी, उसकी पत्नी प्रतिमा साहनी और मां रमा साहनी ने फतेहाबाद रोड स्थित कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड से गोल्ड लोन लिया हुआ था। उनका दावा है कि उनके खाते से कथित रूप से निकाली गई 50.60 लाख रुपये की राशि का उपयोग उसी गोल्ड लोन का भुगतान करने में किया गया। इसके बाद आरोपी अपना गिरवी रखा सोना छुड़ाने पहुंचे, लेकिन जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस की सूचना के बाद संबंधित सोने की रिलीज प्रक्रिया रुकवा दी गई।
इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
ताजगंज थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक बेलनगंज शाखा प्रबंधक विवेक सिंह, डिप्टी मैनेजर हरविन्द सिंह, श्री भगवान सिंह, बृजेश शर्मा, कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड के मैनेजर प्रसून गुप्ता, सौरभ साहनी, प्रतिमा साहनी और
रमा साहनी के अलावा 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
बैंकिंग रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की होगी जांच
एसीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र सिंह नागर ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड, चेक, खातों के लेनदेन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।


