आगरा: ताजनगरी में इस बार सावन से पहले ही शिव भक्ति की बयार बहने वाली है। ‘शिव परिवार संस्था’ द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के माध्यम से आगरा एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा, जो पहले कभी नहीं देखा गया। शहर के इतिहास में पहली बार ‘सप्त शिवालयों’ की दिव्य पालकियां एक साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगी, जिससे पूरा आगरा कैलाश धाम नजर आएगा।
सप्त शिवालयों का एक साथ होगा समागम
सोमवार को लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में कथा के आमंत्रण पत्र का भव्य विमोचन किया गया। मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने बताया कि 17 मई को सुबह 8 बजे जयपुर हाउस स्थित चिंताहरण मंदिर से भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ होगा। इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि इसमें आगरा के सात प्रमुख मंदिरों मनःकामेश्वर, राजेश्वर, रावली, पृथ्वीनाथ, कैलाश, वनखंडी और बल्केश्वर महादेव की दिव्य पालकी झांकियां एक साथ शामिल होंगी।
सांस्कृतिक वैभव और नासिक बैंड की गूँज
कलश यात्रा में 251 महिलाएं पारंपरिक दक्षिण भारतीय वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर चलेंगी। यात्रा के वैभव को बढ़ाने के लिए द्वादश ज्योतिर्लिंगों की झांकियां और नासिक का मशहूर बैंड विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है। 17 से 22 मई तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री शिव महापुराण की महिमा का रसपान कराएंगे, जबकि पंडित विष्णुकांत शास्त्री वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराएंगे।
भक्तिमय कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा:
15 मई: महादेव के नाम समर्पित ‘मेहंदी उत्सव’।
18 मई: कथा स्थल पर सुबह 10 बजे से 201 जोड़ों द्वारा सामूहिक ‘रुद्राभिषेक’।
21 मई: सुबह 10 बजे से गोपाल सहस्त्रनाम पाठ और तुलसी अर्चन।
23 मई: सुबह 9 बजे हवन, ब्रह्मभोज और विशाल भंडारे के साथ कथा का विश्राम।
श्रद्धालुओं का उमड़ा उत्साह
विमोचन कार्यक्रम के दौरान सुनील गोयल, आशीष अग्रवाल, दीपांशु अग्रवाल और अश्विनी बंसल सहित संस्था के पदाधिकारियों ने शहरवासियों से इस भक्ति गंगा में डुबकी लगाने का आह्वान किया। इस अवसर पर आकाश अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, अनुरंजन सिंघल और सीमा गोयल सहित बड़ी संख्या में शिव भक्त मौजूद रहे।

