कर्नाटक चुनाव से शुरु हुआ बजरंग दल पर बैन के सियासी विवाद के मध्यप्रदेश में तूल पकड़ने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस बैकफुट पर दिख रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा कि बजरंग दल पर बैन की कभी बात नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कि केवल बजरंग दल की तुलना की गई थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कर्नाटक में कांग्रेस के घोषणा पत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए साल 2000 में सिमी और बजरंग दल दोनों को प्रतिबंधित करने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। लेकिन तत्कालीन केंद्र की भाजपा सरकार ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
इतना ही नहीं, दिग्विजय सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर लगातार हमलावर है और सोशल मीडिया पर लगातार बजरंग दल को लेकर पोस्ट शेयर कर रहे है। बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन करते हुए दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर पर लिखा कि आप केवल गूगल पर बलराम सिंह व उसके बजरंग दल के साथ संबंधों को टाइप करिए और आप को बजरंग दल व भाजपा से जुड़े पाकिस्तान की ISI के लिए जासूसी करने वालों की अनेक जानकारी मिल जाएगी।
Compiled: up18 News


