लखनऊ: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के सातवें दिन शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कालरात्रि के अलौकिक स्वरूप का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों को संदेश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक हैंडल के जरिए कहा कि दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना एवं भक्तों को अभय प्रदान करने वाला मां कालरात्रि का दिव्य स्वरूप हमें यह प्रेरणा देता है कि अधर्म, अत्याचार और आतंक का अंत ही न्याय, शांति तथा निर्भय समाज की स्थापना का मूल आधार है। इस दौरान सीएम योगी ने राज्य में महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आर्थिक विकास के मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियों को भी प्रमुखता से रेखांकित किया।
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2017 से पहले माफियाओं और अराजकता का था साया
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में रक्तबीज रूपी माफियाओं, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक के कारण भय और अराजकता का अंधकार छाया हुआ था। इस विकृत वातावरण ने बहन-बेटियों की सुरक्षा, उनकी शिक्षा और स्वावलंबन के मार्ग में गंभीर बाधाएं खड़ी कर दी थीं।
लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान डबल इंजन सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति ने इन सभी आसुरी शक्तियों का पूरी तरह दमन किया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और एक भयमुक्त समाज का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘मिशन शक्ति’, इंटीग्रेटेड ‘1090’ हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और ‘सेफ सिटी’ जैसी महत्वाकांक्षी पहलों ने आज बहन-बेटियों के लिए घर की चौखट से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों तक पूरी तरह सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है।
घटकर 5 मिनट हुआ पुलिस रिस्पॉन्स टाइम, नाइट शिफ्ट में काम कर रही महिलाएं
कानून-व्यवस्था की चुस्ती का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने आंकड़े साझा किए और बताया कि वर्ष 2016 में जहां किसी आपात स्थिति में पुलिस के पहुंचने का औसत समय (रिस्पॉन्स टाइम) 65 मिनट हुआ करता था, वह अब घटकर मात्र 5 मिनट रह गया है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर कितनी तत्पर और प्रतिबद्ध है।
सुरक्षा के इसी मजबूत भरोसे से प्रेरित होकर आज उत्तर प्रदेश की महिलाएं और बेटियां नाइट शिफ्ट में भी पूरी तरह निडर होकर अपने कार्यस्थलों पर सेवाएं दे रही हैं। राज्य में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी (Female Labour Force Participation) जो कभी मात्र 12 प्रतिशत हुआ करती थी, वह अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। यह इस बात का जीवंत प्रमाण है कि प्रदेश की ‘नारी शक्ति’ अब ‘अर्थशक्ति’ बनकर उत्तर प्रदेश के तीव्र आर्थिक विकास को एक नई गति प्रदान कर रही है।
प्रदेश के आर्थिक विकास में नारी शक्ति की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और उद्यमिता समेत विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती सक्रिय भागीदारी ने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को अभूतपूर्व ऊर्जा दी है। महिलाओं की यह बढ़ती आर्थिक सहभागिता राज्य की जीएसडीपी (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय में दर्ज की गई तीन गुनी वृद्धि की ऐतिहासिक यात्रा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अपने संदेश के अंत में उन्होंने मां कालरात्रि के जयकारे के साथ प्रदेशवासियों के मंगलमय भविष्य की कामना की।
