जंग के बीच भारत का बड़ा बयान: ‘अमेरिकी नौसेना नहीं कर रही भारतीय पोर्ट्स का इस्तेमाल, फर्जी खबरों से रहें सावधान’

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नई दिल्ली। हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी जहाज को डुबोए जाने के बाद उपजे तनाव के बीच एक बड़ी ‘फेक न्यूज़’ ने हड़कंप मचा दिया है। अमेरिकी समाचार चैनल ‘वन’ (OAN) के उस दावे को भारत सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों (Ports) का इस्तेमाल कर रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है।

​विदेश मंत्रालय की सख्त चेतावनी: फर्जी खबरों से बचें

​भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि अमेरिकी चैनल के दावे में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। मंत्रालय ने कहा, “हम आपको ऐसे आधारहीन और झूठे दावों से सावधान रहने की सलाह देते हैं। भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना द्वारा किए जाने की खबर पूरी तरह गलत है।” सरकार ने इसे एक सूचना युद्ध (Information Warfare) का हिस्सा बताया।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा: सुप्रिया श्रीनेत के तीखे सवाल

इस विवाद में अब राजनीतिक मोड़ भी आ गया है। कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने चैनल का वीडियो क्लिप शेयर करते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया, “क्या भारत सरकार नागरिकों और संसद को बताए बिना देश के पोर्ट्स को अमेरिका-इजरायल की जंग के लिए इस्तेमाल करने दे रही है? क्या भारत को इस लड़ाई में घसीटा जा रहा है जिसमें बेगुनाह मारे जा रहे हैं?”

​पेंटागन का दावा: ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में ईरान पस्त

दूसरी तरफ, वॉशिंगटन में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की प्रगति पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू हुआ यह अभियान ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। हेगसेथ के मुताबिक, अमेरिका “निर्णायक और विनाशकारी” रूप से जीत रहा है।

आंकड़ों में ईरान की हार

​ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिका ईरान के 2,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बना चुका है। उनके अनुसार, ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल दागने की क्षमता में 86 प्रतिशत की कमी आई है और उसके ड्रोन हमले भी लगभग खत्म होने की कगार पर हैं।