कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ीं? किसानों के अपमान और राष्ट्रद्रोह मामले में 6 मार्च को एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी बड़ी बहस

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आगरा। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध आगरा की स्पेशल कोर्ट (एमपी-एमएलए) में आज एक महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। किसानों के अपमान और राष्ट्रद्रोह जैसे गंभीर आरोपों के मामले में जज अनुज कुमार सिंह की अदालत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।

पुलिस आख्या पर विवाद

​इससे पहले, थाना न्यू आगरा पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच आख्या (Report) प्रस्तुत की थी। पुलिस ने वादी वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा और उनके गवाहों के बयान दर्ज किए थे। वहीं, कंगना रनौत की ओर से सुप्रीम कोर्ट की एक महिला अधिवक्ता ने बयान दर्ज कराए थे। वादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने पुलिस की इस आख्या को “गलत और अधूरी” बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।

कानूनी पेंच: क्या वकील का बयान मुवक्किल का बयान है?

पिछली सुनवाई (13 फरवरी) के दौरान वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान और राजवीर सिंह ने दलील दी कि कानूनन कोई भी अधिवक्ता अपने मुवक्किल की पैरवी तो कर सकता है, लेकिन उसकी जगह खुद बयान दर्ज नहीं करा सकता। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि भविष्य में कंगना रनौत इन बयानों से मुकर सकती हैं और कह सकती हैं कि यह बयान उनकी वकील ने दिए थे, उनके नहीं।

​कोर्ट ने मांगी है ‘रूलिंग’

काफी लंबी बहस के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष से इस बिंदु पर कानूनी ‘रूलिंग’ (विधिक उदाहरण) पेश करने को कहा है कि क्या प्रतिपक्षी की जगह उनकी अधिवक्ता के बयान दर्ज किए जा सकते हैं या नहीं। इसी तकनीकी और कानूनी बिंदु पर आज 6 मार्च को दोबारा बहस होनी है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला कंगना रनौत द्वारा किसानों के आंदोलन को लेकर दिए गए विवादित बयानों से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने इसे किसानों का अपमान और राष्ट्र के विरुद्ध द्वेष फैलाने वाला कृत्य बताते हुए कोर्ट में परिवाद दायर किया था। आज की सुनवाई यह तय कर सकती है कि इस मामले में कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ेंगी या उन्हें राहत मिलेगी।