लखनऊ में हॉस्पिटल पर बड़ी लापरवाही का आरोप: बाएं घुटने की जगह कर दी गई दाहिने पैर की सर्जरी, बुजुर्ग महिला चलने-फिरने से लाचार

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित प्रतिष्ठित हेल्थ सिटी अस्पताल में इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राजाजीपुरम के रहने वाले मनोज कुमार ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी बुजुर्ग मां राजेश्वरी के बाएं घुटने की समस्या का इलाज करने के बजाय उनके स्वस्थ दाहिने पैर की सर्जरी कर दी।

परिजनों का आरोप है कि इस गंभीर मेडिकल लापरवाही के कारण अब महिला न केवल अपने बाएं पैर की पुरानी तकलीफ से जूझ रही है, बल्कि दाहिने पैर का ऑपरेशन होने के बाद से वे ठीक से चल भी नहीं पा रही हैं।

​इलाज के लिए पहुंचे थे, गलत पैर का कर दिया ऑपरेशन

परिवार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग राजेश्वरी को पहले डॉ. सीपी गुप्ता को दिखाया गया था, जिन्होंने जांच के बाद उन्हें गोमतीनगर विस्तार स्थित हेल्थ सिटी अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने की सलाह दी थी। परिजनों के अनुसार, महिला को बीते 8 सितंबर को अस्पताल में एडमिट कराया गया था और अगले ही दिन उनका ऑपरेशन कर दिया गया। इस दौरान अस्पताल में करीब 70 हजार रुपये जमा कराए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

​ऑपरेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब परिजनों को सच्चाई पता चली, तो उनके होश उड़ गए। उनका दावा है कि जिस बाएं पैर के घुटने की बीमारी का इलाज कराने वे अस्पताल आए थे, डॉक्टरों ने गलती से उसके विपरीत दाहिने पैर की सर्जरी कर डाली। परिजनों का कहना है कि अब बाएं पैर की पुरानी परेशानी तो बनी ही हुई है, साथ ही गलत सर्जरी के कारण महिला का चलना-फिरना भी दूभर हो गया है।

​पुलिस से की गई शिकायत, धमकी देने का भी आरोप

पीड़ित महिला के बेटे मनोज कुमार ने इस मामले में 12 सितंबर को गोमतीनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब परिजनों ने इस बड़ी गलती का विरोध किया, तो संबंधित डॉक्टर और वहां मौजूद लोगों ने उन्हें डराया-धमकाया।

​हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद इस पूरे मामले की सच्चाई और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।