आगरा। आगरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और क्षेत्र में सक्रिय माफियाओं का आतंक अब खुलकर सामने आ गया है। भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री सत्येंद्र त्यागी ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने सीधे तौर पर खनन और भू-माफियाओं पर अपने और अपने परिवार की जान को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया है।
धमकियों से दहशत में परिवार
सोशल मीडिया पर जारी अपनी पोस्ट में सत्येंद्र त्यागी ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिजनों को लगातार जान से मारने और गोली मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि क्षेत्र में भू-माफियाओं का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस आतंक के कारण कई परिवार डर और दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं और कई लोग तो अपना गांव तक छोड़ने को विवश हो चुके हैं।
पूर्व विधायक और श्रीकांत त्यागी पर गंभीर आरोप
मामले को तूल देते हुए भाजपा नेता ने भाजपा के एक पूर्व विधायक और श्रीकांत त्यागी का नाम लेते हुए संगीन आरोप लगाए हैं। त्यागी के अनुसार, उनके चाचा, भाई और चचेरे भाई के साथ 14 से 15 लोगों ने मिलकर मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में एक पूर्व विधायक की भूमिका संदिग्ध है और उनके द्वारा पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
सत्येंद्र त्यागी ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नामजद आरोपितों के खिलाफ ‘गुंडा एक्ट’ के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा नकारात्मक असर पार्टी की छवि और जनता के विश्वास पर पड़ेगा। उनका कहना है कि वे न्याय के लिए लड़ रहे हैं और सरकार से उन्हें त्वरित सुरक्षा की अपेक्षा है।
आगरा के राजनीतिक गलियारों में सत्येंद्र त्यागी के इस खुलासे के बाद हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की बात कही है, लेकिन भाजपा नेता के ये गंभीर आरोप पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और स्थानीय स्तर की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।


