मेरठ: थाना सदर बाजार क्षेत्र के तेली मोहल्ले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। एक 76 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी अपनी 35 वर्षीय बेटी की मौत के बाद महीनों तक उसके गलते हुए शव के साथ उसी घर में रहता रहा। जब शुक्रवार को रिश्तेदार घर पहुँचे, तब जाकर इस भयावह स्थिति का खुलासा हुआ। घर के भीतर का दृश्य इतना वीभत्स था कि पुलिसकर्मियों के भी पैर उखड़ गए।
कूड़े का ढेर और सड़ चुका शव
पुलिस जब मौके पर पहुँची, तो घर के एक कमरे में कंप्यूटर टीचर प्रियंका बिस्वास (35) का शव पड़ा मिला। शव महीनों पुराना होने के कारण कंकाल नुमा स्थिति में पहुँच चुका था। घर के अंदर कूड़े के अंबार लगे थे और पूरे मकान में ऐसी दुर्गंध थी कि सांस लेना भी दूभर था। हैरानी की बात यह है कि इस नर्क जैसे माहौल में प्रियंका के पिता उदय भानु बिस्वास सामान्य रूप से रह रहे थे।
तन्हाई और दुख की दास्तां
उदय भानु बिस्वास शिक्षा विभाग से प्रशासनिक अधिकारी के पद से रिटायर हुए हैं। करीब 13 साल पहले पत्नी की मृत्यु के बाद वे अपनी इकलौती बेटी प्रियंका के साथ रह रहे थे। प्रियंका एक प्राइवेट स्कूल में कंप्यूटर पढ़ाती थी। पड़ोसियों के अनुसार, यह परिवार किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था और पूरी तरह से कटा हुआ रहता था।
दिसंबर में थमी थीं सांसें, पिता ने साधे रखी चुप्पी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। प्रियंका की मौत संभवतः 1 दिसंबर 2025 को ही हो गई थी। पिता का दावा है कि प्रियंका बीमार थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई। लेकिन सवाल यह है कि मौत के बाद उन्होंने न तो पुलिस को बताया, न अंतिम संस्कार किया और न ही रिश्तेदारों को सूचना दी। वे महीनों तक शव के साथ ही सोते और जागते रहे।
रिश्तेदारों की सजगता से खुला राज
जब महीनों तक प्रियंका से बात नहीं हुई और पिता फोन पर टालमटोल करते रहे, तब रिश्तेदारों को संदेह हुआ। शुक्रवार को जब वे घर पहुँचे, तो ताला खोलने पर अंदर से आ रही मौत की दुर्गंध ने सब सच उगल दिया। कमरे का नजारा देखकर रिश्तेदार बदहवास हो गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस जांच: मानसिक सदमा या कुछ और?
पुलिस ने पिता उदय भानु को हिरासत में ले लिया है। प्रथम दृष्टया यह मामला किसी गहरे मानसिक सदमे या अवसाद (Depression) का लग रहा है, जहाँ पिता अपनी बेटी की मृत्यु को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे।
हालांकि, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि क्या मौत वास्तव में बीमारी से हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है? इतने महीनों तक पिता का आचरण और उनकी मानसिक स्थिति क्या थी? क्या उन्होंने किसी तंत्र-मंत्र या अंधविश्वास के चलते शव को घर में रखा?
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के सही समय और कारण का पता चलेगा।

