आगरा: ताजनगरी में आवासीय भूखंडों पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा प्रस्तावित कार्रवाई ने शहर के व्यापारिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, 15 अप्रैल से परिषद इन प्रतिष्ठानों पर बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है। इस खतरे को देखते हुए आगरा व्यापार मंडल के नेतृत्व में सोमवार को विभिन्न बाजार संगठनों ने मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात कर इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और व्यापारियों का भय
प्रस्तावित कार्रवाई का आधार सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश है जिसमें आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती बरतने को कहा गया है। जैसे ही यह सूचना सार्वजनिक हुई कि आवास विकास परिषद अभियान शुरू करने जा रहा है, कमला नगर, बल्केश्वर और ट्रांस यमुना जैसे विकसित क्षेत्रों के व्यापारियों में भय का माहौल व्याप्त हो गया। व्यापारियों का तर्क है कि वे दशकों से यहाँ व्यापार कर रहे हैं और यह उनकी रोजी-रोटी का मुख्य आधार है।
मंडलायुक्त का ‘वेट एंड वॉच’ रुख
व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप सिंह को अपनी चिंताओं से अवगत कराया। आयुक्त ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि वे सीधे कार्रवाई की अनुमति देने के बजाय पहले उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के उच्चाधिकारियों से इस विषय पर विस्तार से वार्ता करेंगे। उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी बात को गंभीरता से सुनकर ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बेरोजगारी और आर्थिक संकट की चेतावनी
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी.एन. अग्रवाल ने दो-टूक कहा कि अचानक की गई कोई भी कार्रवाई हजारों परिवारों को सड़क पर ले आएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए न कि दमनकारी।
इन प्रमुख संगठनों ने दी आवाज:
कार्रवाई के विरोध में कमला नगर व्यापार संगठन समिति, बल्केश्वर बाजार समिति, ट्रांस यमुना बाजार समिति और आवास विकास व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने अपनी एकजुटता दिखाई। ज्ञापन सौंपने वालों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय पुरस्नानी, मंत्री राजीव गुप्ता, अमित अग्रवाल (पारुल), उमेश अरोरा और गविंदर शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे।

