आगरा: आलू की गिरती कीमतों को लेकर ताजनगरी के खंदौली टोल प्लाजा पर सोमवार को उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच न केवल धक्का-मुक्की हुई, बल्कि एक दारोगा की विवादित टिप्पणी ने माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया।
एक्सप्रेस-वे पर बिखेरे आलू, दारोगा की टिप्पणी से भड़के सपाई
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और सपा नेता प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल के नेतृत्व में कार्यकर्ता टोल प्लाजा पर पहुंचे थे। विरोध स्वरूप कार्यकर्ताओं ने एक्सप्रेस-वे पर आलू फैला दिए। विवाद तब शुरू हुआ जब मौके पर मौजूद एक दारोगा ने कथित तौर पर पैरों से आलुओं को किनारे करना शुरू किया।
बहस के दौरान दारोगा ने सपा नेता पर कटाक्ष करते हुए कहा, “किसान फॉर्च्यूनर से नहीं चलता, किसान तो बैलगाड़ी से चलता है।” दरअसल, राकेश बघेल मौके पर फॉर्च्यूनर गाड़ी से पहुंचे थे। इस टिप्पणी पर भड़कते हुए सपा नेता ने इसे किसानों का अपमान बताया। दारोगा ने खुद को बड़ा किसान बताया तो राकेश बघेल ने पलटकर जवाब दिया कि किसानों का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा।
आर्थिक संकट में आलू किसान: ₹1800 MSP की मांग
हंगामे के बीच सपा नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि आगरा और विशेषकर खंदौली क्षेत्र आलू का गढ़ है, लेकिन इस बार किसान बर्बादी की कगार पर है।
दाम की मार: आलू ₹100 प्रति कट्टा (50 किलो) से भी कम में बिक रहा है।
लागत में वृद्धि: खाद, बीज और मजदूरी की लागत पिछले वर्षों से कई गुना बढ़ गई है।
शीतगृह की समस्या: आरोप है कि कोल्ड स्टोरेज संचालक किसानों को ऋण देने में आनाकानी कर रहे हैं।
सपा ने सरकार से मांग की है कि आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹1800 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए और सरकारी खरीद तुरंत शुरू की जाए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस तीखी बहस का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। नेटिजन्स दारोगा की ‘बैलगाड़ी’ वाली टिप्पणी और सपा नेता के विरोध पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया है।

