नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर सख्त और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि देशभर के 2,18,807 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए न केवल आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी कड़ा रुख अपनाया जाएगा।
मोबाइल फोन जमा करने की होगी विशेष व्यवस्था
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए एक नया निर्देश दिया है। अब मतदाताओं को अपना मोबाइल फोन मतदान केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हर केंद्र के बाहर ‘मोबाइल जमा काउंटर’ बनाए जाएंगे, जहाँ मतदाता अपना फोन स्विच-ऑफ करके सुरक्षित जमा कर सकेंगे और मतदान के बाद उसे वापस ले सकेंगे।
मतदान केंद्रों पर मिलेंगी ये ‘सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं’ (AMF)
आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित 6 राज्यों के उपचुनावों के लिए ‘सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं’ (Assured Minimum Facilities) अनिवार्य कर दी हैं:
पेयजल और शेड: गर्मी और धूप से बचाव के लिए पीने का पानी और शेड की व्यवस्था।
बेंच और वेटिंग एरिया: लंबी कतारों में खड़े बुजुर्गों और बीमारों के लिए बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी।
दिव्यांगों के लिए रैंप: दिव्यांग और वरिष्ठ मतदाताओं के लिए हर बूथ पर रैंप और व्हीलचेयर की सुविधा।
शौचालय और रोशनी: पर्याप्त रोशनी और साफ-सुथरे शौचालयों का प्रबंध।
वोटर सहायता बूथ और पोस्टर
हर मतदान केंद्र पर ‘वोटर एसोसिएशन बूथ’ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ अधिकारी मतदाताओं को उनका बूथ नंबर और वोटर लिस्ट में नाम खोजने में मदद करेंगे। साथ ही, केंद्रों पर ‘वोटर फैसिलेटेशन पोस्टर’ लगाए जाएंगे, जिनमें उम्मीदवारों की सूची, जरूरी पहचान दस्तावेज और वोट डालने की सही प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
आयोग की चेतावनी: चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन सुविधाओं की कड़ी निगरानी की जाए। किसी भी केंद्र पर कोताही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

