आगरा में डिजिटल डकैती: उधारी चुकाने के बहाने बुलाकर दो युवकों का अपहरण, 4 घंटे कार में बंधक बनाकर UPI से लूटी रकम

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आगरा: ताजनगरी के थाना एकता क्षेत्र से अपराध का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता की नींद उड़ा दी है। यहाँ अपराधियों ने न केवल अपहरण और मारपीट की वारदात को अंजाम दिया, बल्कि तकनीक का सहारा लेकर ‘डिजिटल लूट’ का एक नया और खतरनाक पैटर्न पेश किया है।

मनसुखपुरा के रहने वाले दो युवकों, सोनू और बलबीर, को बकाया रकम लौटाने के बहाने बुलाकर बंधक बनाया गया और उनके मोबाइल से यूपीआई (UPI) के जरिए रकम ट्रांसफर करा ली गई।

​उधारी चुकाने का झांसा और फिर घेराबंदी

पीड़ितों के अनुसार, उन्हें एक परिचित युवक ने पुराना हिसाब चुकता करने के बहाने बुलाया था। सोनू और बलबीर जैसे ही तय स्थान पर पहुंचे, वहाँ पहले से घात लगाए बैठे मुख्य आरोपी ने अपने 10 अज्ञात साथियों के साथ उन्हें घेर लिया। बिना कुछ सोचे-समझे बदमाशों ने दोनों के साथ बर्बरता से मारपीट शुरू कर दी।

4 घंटे तक कार में ‘अपहरणनुमा’ बंधक

विरोध करने पर बदमाशों ने दोनों युवकों को जबरन एक कार में ठूंस दिया। आरोप है कि करीब 4 घंटे तक उन्हें शहर की सड़कों पर घुमाया गया। इस दौरान बदमाशों ने उनके मोबाइल छीन लिए और जान से मारने की धमकी देकर उनके यूपीआई (UPI) खातों का पासवर्ड पुछवाया और मोटी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

कानूनी बचाव के लिए जबरन बनवाया वीडियो

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि बदमाशों ने भविष्य में पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए पूरी प्लानिंग की थी। उन्होंने पीड़ितों से जबरन सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए और मोबाइल से एक वीडियो भी रिकॉर्ड करवाया, जिसमें पीड़ितों से यह कहलवाया गया कि “उनका किसी पर कोई बकाया नहीं है और वे अपनी मर्जी से यहाँ आए हैं।” पुलिस की

कार्रवाई और डिजिटल साक्ष्य

थाना एकता पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के द्वारा कार के रूट और आरोपियों की पहचान के लिए कैमरों की जांच कर रही है। ​जिस खाते में यूपीआई से पैसे भेजे गए, उसकी डिटेल खंगाली जा रही है। मोबाइल टावर लोकेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश हो रही है।

​आगरा पुलिस के लिए नई चुनौती

यह घटना संकेत देती है कि अपराधी अब पारंपरिक लूटपाट छोड़कर डिजिटल जबरन वसूली की ओर बढ़ रहे हैं। किसी को विश्वास में लेकर बुलाना और फिर डिजिटल पेमेंट के जरिए लूट करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल, इलाके में इस घटना को लेकर काफी दहशत है और पुलिस जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।