वैदिक विवाह परंपरा का संदेश राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की अनूठी पहल: दीपक अग्रवाल और मनीष अग्रवाल ने संत मोरारी बापू से की भेंट

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आगरा। वैवाहिक जीवन में बढ़ती चुनौतियों और रिश्तों में आ रही विसंगतियों के बीच भारतीय वैदिक विवाह परंपरा के संस्कारों और संदेश को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल और वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के मनीष अग्रवाल ने फतेहाबाद रोड पर चल रही श्रीराम कथा के बाद राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त रामकथा वाचक संत मोरारी बापू से भेंट की।

इस दौरान उन्होंने आगामी 21 और 22 सितंबर को आगरा के होटल ताज कन्वेंशन में आयोजित होने जा रहे इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो 2026 के एक सत्र में पधारकर उसे संबोधित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैदिक विवाह परंपरा के माध्यम से भारतीय संस्कृति, संस्कार और दांपत्य जीवन के मूल्यों का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाने की आवश्यकता है।

वैवाहिक जीवन में संस्कारों की भूमिका पर होगी चर्चा

मनीष अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान समय में वैवाहिक जीवन में तमाम तरह की विसंगतियां सामने आ रही हैं। रिश्तों में बढ़ती चुनौतियों के कारण विवाह को लंबे समय तक निभा पाना भी कठिन होता जा रहा है। ऐसे में वैदिक विवाह परंपरा और संस्कारों के महत्व को समझना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का जुड़ाव और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प है। भारतीय वैदिक परंपरा में विवाह को संस्कार के रूप में देखा गया है। कॉन्क्लेव के माध्यम से इसी संदेश को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि भारतीय विवाह परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वैदिक विवाह में निहित संस्कार, समर्पण और पारिवारिक मूल्यों का संदेश आज की पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो 2026 के माध्यम से विवाह से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सार्थक चर्चा करने का प्रयास किया जा रहा है। संत मोरारी बापू जैसे राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त रामकथा वाचक के विचारों से इस विषय को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिलेगा।

दोनों प्रतिनिधियों ने संत मोरारी बापू से आयोजन में पधारकर सत्र को संबोधित करने का अनुरोध किया।