आने वाले दिनों में सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी बीजेपी सरकार… यूपीआई ट्रांजैक्शन और महंगाई के मुद्दे पर बोले इमरान प्रतापगढ़ी

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नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान के मोर्चे पर यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने की अटकलों और चर्चाओं के बीच सियासत गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला है और आम जनता तथा देश के गरीबों की जेब पर डाका डालने का गंभीर आरोप मढ़ा है।

आने वाले दिनों में भाजपा सरकार सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यूपीआई (UPI) से होने वाले छोटे-मोटे लेन-देन में भी, अगर आप 2,000 से ज्यादा का ट्रांजेक्शन करते हैं, ऐसे लाखों-करोड़ों ट्रांजेक्शन होते हैं। सरकार डेटा के मामले में बहुत चालाकी कर रही है, इसलिए यह देश के गरीबों को लूटने का एक और तरीका है। आने वाले दिनों में भाजपा सरकार सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी।

अगर आप एसबीआई के सामने से गुजरेंगे, तो आपके पैसे कट जाएंगे

इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश के लोगों को यह समझने की जरूरत है कि उन्होंने नारा दिया था, ‘बहुत हो गई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।’ देश का कोई भी अर्थशास्त्री हमें बताए कि महंगाई के अलावा उन्होंने अब तक क्या सस्ता किया है? अब, यूपीआई पर भी टैक्स देना होगा। अगर आप एसबीआई के सामने से गुजरेंगे, तो आपके पैसे कट जाएंगे। उन्होंने सरकारी बैंकों को बर्बाद कर दिया है।

लोकतंत्र से उनका कोई लेना-देना नहीं है

कांग्रेस सांसद ने कहा कि असली बात यह है कि पांच राज्यों में होने वाले चुनावों में सरकार के पास देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे सिर्फ जुबानी दावे कर रहे हैं। वे कहते हैं, ‘हम यूसीसी लाएंगे।’ देश मांग कर रहा है कि पेपर लीक बंद हों। वे कहते हैं, ‘हम यूसीसी लाएंगे।’ देश शिक्षा में सुधार की मांग कर रहा है। वे कहते हैं, ‘हम यूसीसी लाएंगे।’ देश मांग कर रहा है कि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हों। वे कहते हैं, ‘हम यूसीसी लाएंगे।’ देश बेहतर सड़कों की मांग कर रहा है। वे कहते हैं,कि हम यूसीसी लाएंगे।’ असल में, वे इस देश के लोगों को बेवकूफ समझते हैं और उन्हें बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लोकतंत्र से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अनुच्छेद 14, 25 और 29 उन संवैधानिक अधिकारों में शामिल हैं जो डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने इस देश के नागरिकों को दिए थे और वे इन अधिकारों को खत्म करना चाहते हैं।