लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच योगी सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार की अटकलें अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई हैं। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं, जिसे सियासी नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है। केशव मौर्य ने पार्टी के बिहार प्रभारी और चुनाव प्रबंधन में माहिर नितिन नबीन से मुलाकात की। हालांकि, इसे ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया जा रहा है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें नए मंत्रियों के नाम और क्षेत्रीय समीकरणों पर गंभीर चर्चा हुई है।
दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व संग मंथन
कैबिनेट विस्तार की यह चर्चा तब और तेज हुई जब हाल ही में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी एक साथ दिल्ली पहुँचे थे। इन नेताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े और पार्टी के अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें की थीं। सूत्रों का दावा है कि आलाकमान ने मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नए नामों की सूची को हरी झंडी दे दी है और जल्द ही लखनऊ के राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा हो सकती है।
इन दिग्गजों के नामों पर लग सकती है मुहर
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहे इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधना है। सियासी गलियारों में जिन नामों की चर्चा सबसे अधिक है, उनमें
भूपेंद्र चौधरी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, मनोज पांडे सपा छोड़कर आए कद्दावर ब्राह्मण नेता इनका रायबरेली क्षेत्र में बड़ा प्रभाव है। पूजा पाल प्रयागराज क्षेत्र की बड़ी नेता और विधायक है। अशोक कटारिया व राजेश्वर सिंह इनके अनुभव और प्रशासनिक पकड़ को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
चुनाव से पहले ‘मास्टरस्ट्रोक’ की तैयारी
यूपी में योगी सरकार के इस कैबिनेट विस्तार को 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि उन चेहरों को आगे लाया जाए जो न केवल अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हों, बल्कि पार्टी के वोट बैंक को भी एकजुट रख सकें। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय और राजभवन पर टिकी हैं कि कब इन नामों की आधिकारिक घोषणा होती है।


